बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को दलितों और जनजातीय समुदाय के लोगों को सरकारी व निजी क्षेत्रों में पदोन्नति में आरक्षण देने की मांग की। मायावती ने राज्यसभा में अपने भाषण में सवर्णो के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए भी आरक्षण की मांग की।

बसपा अध्यक्ष ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संविधान पर हुई चर्चा के अंत में काफी बातें कहीं। यह बेहतर रहा होता अगर उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए पदोन्नति में आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, सवर्णो में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आरक्षण जैसी समाज के कमजोर तबकों को लाभ पहुंचाने वाली अच्छी योजनाओं का ऐलान किया होता।”मायावती ने बी.आर.अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर हो रहे कार्यक्रमों के तहत होने वाली चर्चा में ये बातें कहीं। यह भी पढ़े –मायावती ने साधा निशाना कहा, मुझे CBI के जरिए बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने मुझे फंसाया

उन्होंने मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा, “प्रधानमंत्री विदेश में बौद्ध धर्म की महानता का बखान करते हैं। लेकिन, भारत में वह और उनके साथियों का काम इसकी शिक्षा के विपरीत रहता है। भगवान बुद्ध ने मानवता और शांति का उपदेश दिया था। ये ऐसे संदेश हैं जिनकी आज बहुत जरूरत है। मैं सरकार को अंबेडकर के रास्ते पर चलने की सलाह दूंगी। ” दूसरे दिन चर्चा की शुरुआत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने विपक्ष से 2014 लोकसभा चुनाव के जनादेश का सम्मान करने को कहा।उन्होंने कहा, “हमें जनादेश के प्रति सहिष्णु बनना चाहिए। इसका सम्मान करना चाहिए, मुद्दा यह नहीं हो सकता कि आप इसे पसंद करते हैं या नहीं।”