नई दिल्ली. बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेस करके कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रुख बीजेपी को हराने का नहीं, बल्कि विपक्षियों को हराने का है. कांग्रेस गठबंधन की आड़ में बीएसपी को खत्म करना चाहती है. कांग्रेस को अहंकार है कि वह अकेले चुनाव लड़ सकती है. उसे गुजरात वाली गलतफहमी अब भी बनी हुई है. उन्होंने कहा, वह बीजेपी की तरह है जो बीएसपी को खत्म करने का प्रयास कर रही है.

मायावती ने ऐलान किया कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कांग्रेस अकेले अपने दम पर बीजेपी को नहीं हरा सकती है. कांग्रेस के कुछ नेता दोनों राज्यों में गठबंधन नहीं चाहते हैं. ऐसे में कांग्रेस के साथ किसी कीमत पर चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि, इस दौरान मायावती सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर नरम दिखीं. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी कांग्रेस-बीएसपी के गठबंधन को लेकर ईमानदार हैं. लेकिन कुछ कांग्रेस के नेता ऐसा नहीं चाहते हैं.

मध्यप्रदेश और राजस्थान चुनाव पर असर
मायावती के इस कदम से कांग्रेस को बड़ा झटका लगता दिख रहा है. पहला झटका तो इस साल के अंत में राजस्थान और मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा को लेकर ही है. मध्यप्रदेश में बीएसपी के पास ठीक-ठाक जनाधार है. यूपी से सटे इलाकों में पिछले कई चुनाव में उसके प्रत्याशियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. वहीं, राजस्थान में भी दलित वोटबैंक पर बसपा का असर देखने को मिलता है. ऐसे में कांग्रेस प्रयास कर रही थी कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में बीएसपी उसका साथ देगी. लेकिन मायावती के इस कदम से कांग्रेस को इन दो राज्यों में बड़ा झटका लगा है.

छत्तीसगढ़ में भी असर
बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में मायावती ने कांग्रेस को झटका दिया था. वहां भी इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और मायावती ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाए अजीत जोगी के साथ समझौता कर लिया है. छत्तीसगढ़ में भी बसपा के पास अपना वोटबैंक है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जोगी-माया के इस गठबंधन से कांग्रेस को सीधे-सीधे नुकसान होगा और बीजेपी को फायदा मिल जाएगा.