लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा कि एक तरफ तो सरकारें लाखों भूखे व बेबस प्रवासी मजदूरों से घोर अमानवीय व्यवहार करते हुए उनसे क्रूरता के साथ किराया भाड़ा वसूल रही हैं तो दूसरी तरफ अमीरों के लिए दयावान बनी हुई हैं, जिसकी हमारी बहुजन समाज पार्टी घोर निन्दा करती है. Also Read - Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र में हवाओं की रफ़्तार हुई कम, कमज़ोर पड़ा तूफान निसर्ग

मायावती ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद के पास मालगाड़ी से कटकर 16 प्रवासी मजदूरों की मौत व कुछ के घायल होने की खबर पर गहरा दुःख व रोष व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के दृश्य बहुत ही विचलित करने वाले हैं तथा यह केन्द्र व राज्य सरकारों की लापरवाही व असंवेदनशीलता का परिणाम नहीं तो और क्या है? Also Read - Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र से टकराया 'निसर्ग' तूफान, कई जगहों पर तेज हवा और बारिश शुरू

बसपा प्रमुख ने कहा- “ऐसे मजदूरों के साथ इस तरह के कई हादसे हो रहे है. आज महाराष्ट्र के पास कई प्रवासी मजदूर हादसे में मारे गए हैं. यह केवल केंद्र और राज्य सरकार की लापरवाही और असंवेदनशीलता का नतीजा है. सरकारों को चाहिए कि इन मजदूरों के परिजनों की आर्थिक मदद और किसी सदस्य को नौकरी भी दी जाए”. Also Read - Cyclone Nisarga: चक्रवाती तूफान की महाराष्ट्र और गुजरात में इस समय होगी एंट्री, समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें

एक बयान में शुक्रवार को मायावती ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें इन घटनाओं को पूरी गंभीरता से लें. पीड़ित परिवारों की पूरी आर्थिक मदद करें तथा लॉकडाउन के कारण बदहाल प्रवासी मजदूरों के रेल, बस व हवाई सफर की मुफ्त व्यवस्था करके उन्हें उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचायें. देश की सरकारें आखिर किस दिन गरीब-लाचार जनता के काम आएंगी? उन्होंने कहा कि ‘बड़े व ऊंचे घरों के बच्चों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिए तो सरकार हर प्रकार की मुफ्त सुविधा आदि काफी हद तक उपलब्ध करा रही है लेकिन उन गरीबों व मजदूरों आदि के लिए हाथ पर हाथ धरे लगातार बैठी रही.”

मायावती ने कहा कि बसपा बंद के खिलाफ नहीं है बल्कि इस मामले में वह केंद्र सरकार के साथ है लेकिन इतना जरूर है कि वर्तमान की अति-जटिल समस्या व मानवीय त्रासदी देश को नहीं झेलनी पड़ती अगर केंद्र सरकार देश में बंद की घोषणा, नोटबन्दी की तरह अचानक व बिना पूरी तैयारी के नहीं करती.