लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजधानी स्थित 13-ए, मॉल एवेन्यू बंगले के उस हिस्से को आज खाली कर दिया, जिसमें वह अब तक रहा करती थीं. मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ’13-ए, मॉल एवेन्यू के जिस भाग में मैं ठहरती रही हूं, उसे दो जून से खाली कर रही हूं.’ इसी के साथ उन्‍होंने कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा की हार पर कहा कि भाजपा सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है.

उत्तर प्रदेश के राज्य संपत्ति विभाग ने प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस दिया था. बंगले को खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. मायावती ने निर्धारित समयसीमा के भीतर ही बंगला खाली किया है. उन्होंने कहा, ‘नोटिस मिलने के बाद 15 दिन की समयसीमा दी गयी थी जो अभी खत्म नहीं हुई है.’ मायावती अब नौ, मॉल एवेन्‍यू में रहेंगी.

2011 में कांंशीराम यादगार विश्राम स्‍थल बनाने का दावा 
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के देहांत के बाद देश में गरीबों और अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा कांशीराम ने पूरी जिन्दगी इनके उत्थान के लिए काम किया. उनके सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 13 जनवरी 2011 को राज्य कैबिनेट की बैठक में 13-ए, मॉल एवेन्यू में कांशीराम यादगार विश्राम स्थल बनाने का फैसला किया गया था. उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट के उक्त फैसले के द्वारा पूर्ण परिसर को जनमानस के लिए लोकार्पित किया गया है. कांशीराम उत्तर प्रदेश से लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. पार्टी के कार्य से लखनऊ आने के दौरान वह इसी परिसर में ठहरते थे, जिससे उनका इस परिसर से काफी लगाव हो गया था.

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एक बंगला पहले ही कर चुकी हैं खाली
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांशीराम के आदर सम्मान में मान्यवर श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल बनाया गया. उन्होंने कहा कि इसी बंगले के एक हिस्से में वह ठहरती थीं. बतौर पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें छह, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग वाला बंगला आवंटित किया गया था, जिसे उन्होंने 19 मई को खाली कर दिया है और स्पीड पोस्ट से चाभियां भेजकर कब्जा सरकार को दे दिया है. उधर राज्य संपत्ति विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ’13-ए, मॉल एवेन्यू बंगला मायावती को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित किया गया है. यह बात एकदम पक्की है.’ उन्होंने कहा कि छह, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित बंगले का आवंटन फर्जी आदेश से हुआ था.

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कांशीराम के साथ माया की प्रतिमा भी
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार आवासीय भाग छोड़ने के बाद अब यह बंगला मान्यवर श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल कहलाएगा. शासनादेश में स्पष्ट है कि इसकी सुरक्षा और रखरखाव का जिम्मा प्रदेश सरकार का है. उन्होंने बताया कि परिसर में मुख्य तौर पर विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, बैठक कक्ष, जलपान कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष, भोजनालय, जेनरेटर रूम, लिफ्ट स्थल, पेड-पौधे हैं. ‘परिसर में कांशीराम की भव्य प्रतिमा लगी है और मेरी भी प्रतिमा लगी है. इसमें हाथियों की गैलरी, फव्वारे और बारादरी है. कई संतरी पोस्ट, अंडरग्राउण्ड पार्किंग और सुरक्षाकर्मियों के लिए कमरों की उचित व्यवस्था है.’

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उपचुनावों में हार से मोदी सरकार की उलटी गिनती शुरू
मायावती ने भाजपा के बारे में कहा, ‘गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के बाद अब कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की करारी हार हो गयी है. देश में जहां भी उपचुनाव हुए, भाजपा से दुखी और पीड़ित जनता ने उसे सही रास्ता दिखा दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘अब जनता भाजपा के झूठे वादे और सांप्रदायिक भड़कावे में आने वाली नहीं है. भाजपा सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गयी है.’ भाजपा ने उपचुनावों में शासन-प्रशासन की ताकत का दुरूपयोग किया है, लेकिन फिर भी उनको मुंह की खानी पड़ रही है.

मायावती ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वे आज इस पूरे परिसर का भ्रमण करें. ‘आप मेरे साथ इस पूरे परिसर का भ्रमण जरूर करें. इसकी फोटोग्राफी करें. उस आवासीय भाग को भी देखें जिसमें मैं अब तक रहती थी.’ इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को खुद पूरे परिसर का भ्रमण कराया.