नई दिल्ली : भाजपा शासित निकाय के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में श्मशान घाट और कब्रिस्तान से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोविड-19 से हुई मौतों की संख्या और दिल्ली सरकार द्वारा बताई गई संख्या में “बहुत बड़ा अंतर” है. इस आरोप पर दिल्ली सरकार की ओर से कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई.Also Read - गरीब किरायेदारों का किराया नहीं दे पाएगी केजरीवाल सरकार, दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई रोक

भाजपा नीत उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्थायी समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश ने दावा किया कि 21 मई तक मानक प्रक्रिया के तहत क्षेत्र में कोविड-19 से मरने वाले 282 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया या उन्हें दफन किया गया. Also Read - Dekho Hamari Delhi: दिल्ली में कहां-कहां हैं घूमने की जगह? शहर के पर्यटन स्थलों की जानकारी देगा केजरीवाल सरकार का ऐप

भाजपा नीत दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कमलजीत सहरावत ने भी दावा किया कि नगर निगम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में कोविड-19 से मरने वाले 309 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया या उन्हें दफनाया गया. दिल्ली सरकार की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार 23 मई तक कोविड-19 से 231 लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - Delhi Corona Update: दिल्ली में लगातार 10वें दिन कोरोना से नहीं गई किसी की जान, बीते 24 घंटे में 366 नए मामले

प्रकाश ने कहा, “अगर आप एनडीएमसी और एसडीएमसी द्वारा दिए गए मौत के आंकड़े मिला कर देखेंगे तो पाएंगे कि 21 मई तक लगभग छह सौ मौते हो चुकी हैं जो कि दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों का तीन गुना है. आम आदमी पार्टी सरकार अपना चेहरा छिपाने के लिए मौत की कम संख्या बता रही है.” इस मामले पर टिप्पणी के लिए दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया.

नेताओं का कहना है कि यह एक गंभीर समस्या है और सरकार को इस मामले में पारदर्शिता रखना चाहिए. लोगों को जानने का अधिकार है कि आखिर इस बीमारी से क्या हालात उत्पन्न हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़ों से खेलने का कोई हक नहीं है.