नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध को दूर करने के लिए चीन के साथ सैन्य वार्ता के दो दिन बाद भारत ने गुरुवार को कहा कि आगे का रास्ता यह होगा कि यथास्थिति में बदलाव के किसी भी एकतरफा प्रयास से परहेज किया जाए और दोनों पक्ष संघर्ष वाले सभी क्षेत्रों से सैनिकों को पीछे हटाने के लिए वार्ता जारी रखें. भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत और चीन ने जल्द से जल्द वरिष्ठ कमांडरों की अगली बैठक करने का फैसला किया है. समानांतर रूप से WMCC की अगली बैठक भी जल्द होने की संभावना है. Also Read - कोरोना के चलते काली हो गई थी चीन के इस डॉक्टर की त्वचा, अब नॉर्मल होकर लौटा; साथी गंवा चुका है जान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने डिजिटल प्रेस वार्ता में कहा कि सैनिकों का पीछे हटना एक जटिल प्रक्रिया है और इसमें आपस में सहमत ‘पारस्परिक कदम’ उठाने की जरूरत होती है. Also Read - नेपाली राष्‍ट्रपति भारत के आर्मी चीफ को 'नेपाल सेना के जनरल' का मानद पद प्रदान करेंगी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्ष संघर्ष के सभी क्षेत्रों से पूर्ण रूप से पीछे हटने की दिशा में काम कर रहे है, इसी के साथ यह भी जरूरी है कि जमीनी स्तर पर स्थिरता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने साथ ही कहा कि वरिष्ठ कमांडर स्तर की बैठक को इसके सम्पूर्ण परि‍प्रेक्ष्‍य में देखा जाना चाहिए . Also Read - भारत, अमेरिका का संयुक्त बयान, अपनी धरती से आतंकवादी गतविधियों को अनुमति न दे पाकिस्तान

बता दें कि भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच छठे दौर की वार्ता सोमवार को हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को स्थिर करने के मुद्दे पर गहराई से विचारों का अदान-प्रदान किया. इसमें दोनों पक्ष आपस में संपर्क मजबूत करने और गलतफहमी और गलत निर्णय से बचने पर सहमत होने के साथ जमीनी स्थिति को एकतरफा ढंग से न बदलने पर सहमत हुए.

बहरहाल, श्रीवास्तव ने कहा कि आगे का रास्ता यह होगा कि यथास्थिति में बदलाव के किसी भी एकतरफा प्रयास से परहेज किया जाए और दोनों पक्ष संघर्ष वाले सभी क्षेत्रों से सैनिकों को पीछे हटाने के लिए वार्ता जारी रखें और सीमावर्ती क्षेत्रों में पूर्ण रूप से शांति बहाली सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार-विमर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की अगली बैठक जल्द होने की संभावना है. प्रवक्ता ने कहा कि कोर कमांडर स्तर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता जाहिर होती है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍त ने कहा कि चीन-भारत के बीच सैन्य वार्ता के छठे दौर में वरिष्ठ कमांडरों को स्थिति को स्थिरता देने के लिए विचारों के स्पष्ट एवं गहन आदान-प्रदान का अवसर मिला.