श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मंगलवार को बड़ा उलटफेर करते हुए बीजेपी ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया. ऐसी स्थिति में तीन साल से जारी बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूट गया. इसके ठीक बाद सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दिया है. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा, मुफ्ती साहब ने बहुत सोच-समझकर इस गठबंधन का फैसला लिया था. हमने बड़े विजन के लिए ये फैसला लिया था.

उन्होंने कहा, इस गठबंधन में स्पेशल स्टेटस और 370 पर काम किा और 35 ए को लेकर कोर्ट में दलील दी. उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर दुश्मनों की टैरिटरी नहीं है, यह हमारे अपने लोगों की टैरिटरी है. यहां पर ताकत की नीति नहीं चल सकती. हमने इसका लगातार विरोध किया.

उन्होंने आगे कहा, हमारी कोशिशों से राज्य में सीजफायर हुआ. हम चाहते हैं कश्मीर के लोगों से बातचीत हो. पाकिस्तान से भी अच्छे संबंध हो. कश्मीर में सख्ती की पॉलिसी संभव नहीं. हमने 11 हजार नौजवानों से केस वापस लिए. हमने किसी भी पावर के लिए गठबंधन नहीं किया था, बल्कि कश्मीर की जनता के लिए गठबंधन किया था.

उन्होंने कहा, 370 पर हमने चार साल कोई छेड़छाड़ नहीं होने दी. हमने पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस लिए. हमारी कोशिश संवाद का सिलसिला जारी रहे.