नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा नियुक्त किए वार्ताकार शाहीन बाग (Shaheen Bagh) के प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पहुंच गए हैं. वार्ताकार प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर रहे हैं. ये वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन हैं. संजय हेगड़े ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए कहा है कि हम यहां सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर आए हैं. हमें उम्मीद है कि सभी के सहयोग से मामले को सुलझाएं. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हम मामले का समाधान निकाल बड़ा उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

वार्ताकारों में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह भी शामिल थे, लेकिन फिलहाल वह दोनों वार्ताकारों के साथ नहीं पहुंचे हैं. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों से हम बात करेंगे. वहीं शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि “वार्ताकारों का हम स्वागत करते हैं और उनकी बात भी सुनेंगे, लेकिन हमारी मांग यही होगी कि सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले. साथ ही अभी तक जितने भी प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उनको हटाया जाए और उत्तर प्रदेश में जिस तरह बच्चों की हत्या हुई है, उनके परिवार को मुआवजा मिले या पेंशन मिले. सरकार अगर हमारी मांगें पूरी नहीं करती है तो हम ऐसे ही बैठे रहेंगे.” Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

नागरिकता क़ानून और एनआरसी के खिलाफ जामिया इलाके के शाहीन बाग़ से प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नागरिकता क़ानून गैर संवैधानिक है. इसे हर हाल में वापस लेना चाहिए. इसके साथ ही केंद्र सरकार लिखित आश्वासन दे कि एनआरसी पूरे देश में लागू नहीं किया जाएगा.

बता दें कि प्रदर्शन के कारण सड़क जाम है. ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीन वार्ताकारों को नियुक्त किया था जो शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आंदोलन करने का हक है, लेकिन सड़क को आखिर कब तक बंद रखा जा सकता है. इससे और लोगों को भी परेशानी हो रही है. वार्ताकार इसी बात का समाधान निकालने पहुंचे हैं.