मेरठः उत्तर प्रदेश के मेरठ में तनावपूर्ण शांति के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियाती तौर पर जिले में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. गौरतलब है कि झारखंड में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने की घटना को लेकर रविवार देर शाम ‘युवा सेवा समिति’ के बैनर तले ‘फैज-ए-आम इंटर कॉलेज’ में एक सभा की गई. इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बिना पूर्वानुमति के जुलूस निकाला. Also Read - मैं पार्टी में जाति, धर्म आधारित प्रकोष्ठ के पक्ष में नहीं हूं: नितिन गडकरी

पुलिस ने कई जगह जुलूस रोकने की कोशिश की. भीड़ ने पुलिस से हाथापाई कर पथराव किया. इसके बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान कई लोग घायल हो गए. पांच पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी ने बताया कि शहर में धारा 144 लागू है. ‘फैज-ए-आम कॉलेज’ में बिना अनुमति सभा की गई और उसके बाद बिना अनुमति के जुलूस निकालने की कोशिश की गई. पुलिस के रोकने पर कुछ लोगों ने पथराव किया. Also Read - हैदराबाद का यह भाग्‍यलक्ष्‍मी मंदिर नगर निगम की चुनावी जंग के बीच क्‍यों बना सुर्खियों का केंद्र

उन्होंने बताया कि पुलिस से हाथापाई और पथराव के आरोप में 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना के बाद शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने 70 नामजद सहित एक हजार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. तिवारी ने बताया कि सभी मोबाइल और निजी इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. केवल बीएसएनएल ब्रॉडबैंड को इससे बाहर रखा गया है. Also Read - रोहिंग्या शरणार्थी के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने असदुद्दीन ओवैसी पर किया पलटवार