नई दिल्ली। लंबे समय तक भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में जमी बर्फ पिघल सकती है. भारत और पाकिसतान के विदेश मंत्री यूएनजीए की बैठक से इतर एक दूसरे से मुलाकात करेंगे. आज विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूएनजीए की बैठक से इतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच एक बैठक होगी.

विदेश मंत्रियों की होगी बैठक

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इससे पाकिस्तान के लिए हमारी नीति में किसी तरह के बदलाव का कोई संकेत नहीं मिलता है. पाकिस्तान की ओर से गुजारिश करने के बाद दोनों विदेश मंत्रियों की बैठक का फैसला लिया गया है. यूएनजीए बैठक के दौरान किसी उचित दिन और समय पर दोनों विदेश मंत्री मुलाकात करेंगे. प्रवक्ता ने कहा कि ये महज एक बैठक है, दोनों देशों के बीच रुकी हुई बातचीत शुरू करने की शुरूआत नहीं है.

लंबे समय से नहीं हुई बातचीत

बता दें कि भारत-और पाकिस्तान के बीच लंबे से बातचीत नहीं हुई है. भारत का कहना है कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख साफ नहीं होने की वजह से पाकिस्तान से बातचीत नहीं की जा सकती. कश्मीर में पाकिस्तान के खुलेआम दखल और आतंकियों को समर्थन के मुद्दे को लेकर भारत ने हमेशा बातचीत को खारिज किया है. पाकिस्तान की ओर से कई बार गुजारिश के बावजूद भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर बातचीत की पटरी पर लौटने से इनकार कर दिया है. लेकिन पाकिस्तान में इमरान खान के पीएम बनने के बाद हालात में थोड़ा बदलाव आया है. इमरान खान ने बातचीत को लेकर पीएम मोदी तक संदेश पहुंचाया है.

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पीएम पद की शपथ लेने के बाद इमरान खान ने कहा था कि आगे बढ़ने के लिए पाकिस्तान और भारत को बातचीत करनी पड़ेगी और कश्मीर सहित सभी मसलों को हल करना होगा. गरीबी को कम करने और उपमहाद्वीप के लोगों को ऊपर उठाने के लिए हमें हमारे मतभेदों को बातचीत और बिजनेस के द्वारा हल करना होगा.