नई दिल्ली। कांग्रेस ने त्रिपुरा और नगालैंड में मिली हार के बाद मेघालय में सरकार बनाने की संभावनाओं की तलाश के लिए अपने दिग्गज नेताओं को वहां भेजा है. भाजपा को वामपंथियों के गढ़ त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल हुई है. वहीं नगालैंड में उसे सरकार में शामिल होने का निमंत्रण मिला है जबकि मेघालय में चुनाव परिणाम त्रिशुंक हो गया है. सभी तीनों राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणामों की शनिवार को घोषणा हुई.

कांग्रेस 21 सीटें जीतकर मेघालय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और कमल नाथ सरकार बनाने के लिए स्वतंत्र उम्मीदवारों से गठजोड़ की संभावना पर बातचीत करने के लिए आज सुबह मेघालय गए. कांग्रेस की तरफ से हार पर कोई प्रतिक्रिया नहीं जारी की गई है क्योंकि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी देश से बाहर हैं. कांग्रेस को त्रिपुरा और नगालैंड में एक भी सीट नहीं मिली है.

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कांग्रेस ने राहुल गांधी के इटली दौरे का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें अपनी नानी से मिलने का पूरा अधिकार है. पार्टी के नेता मुकुल वासनिक भी शिलांग में मौजूद थे, जहां सभी नेताओं ने स्थानीय नेतृत्व, दूसरी पार्टियों और स्वतंत्र उम्मीदवारों से बातचीत की. कांग्रेस की पूर्व में इस बात को लेकर आलोचना हो चुकी है कि पार्टी दो राज्यों गोवा और मणिपुर में सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बावजूद शुरुआत में निष्क्रिय रही और वहां सरकारों के गठन में नाकाम रही.

सूत्रों ने बताया कि पटेल और कमल नाथ ने शिलांग पहुंचने के शीघ्र बाद ही पार्टी के नेताओं के अलावा निवर्तमान मुख्यमंत्री मुकुल संगमा से बातचीत की. दोनों नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस मेघालय में सरकार बनाएगी और इस दिशा में काम कर रही है.

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वासनिक ने कहा कि कांग्रेस पिछले पांच वर्षों से मेघालय में सत्ता में है और इस साल भी बहुमत आने की उम्मीद कर रही थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है और एक तरह की विचारधारा वाली पार्टियों को सरकार बनाने के लिए साथ काम करना चाहिए.