शिलांग: मेघालय सरकार ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए कक्षाओं के अनुसार स्कूली बस्तों का वजन तय किया है. साथ ही पहली और दूसरी कक्षा के लिए गृह कार्य पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. राज्य शिक्षा विभाग के मुताबिक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देशों के तहत स्कूल अधिकारियों को आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं.

शिक्षा प्रमुख सचिव डी पी वहलांग ने कहा, हमने स्कूल बैगों की वजन संबंधी सीमा तय करने के लिए अधिसूचना के जरिए निर्देश जारी किए हैं. यह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है. विभाग ने संस्थान प्रमुखों से ऐसा टाइम-टेबल बनाने को भी कहा है, जिससे छात्रों को ज्यादा किताबें और कॉपी स्कूल न लानी पड़ें.

सारदा चिटफंड घोटाला: CBI के सामने लगातार 5वें दिन पेश हुए कोलकाता पुलिस कमि‍श्‍नर

अधिसूचना के अनुसार, पहली और दूसरी कक्षा के बस्ते का वजन 1.5 किलोग्राम, तीसरी से पांचवी तक की कक्षाओं के छात्रों के बैग तीन किलोग्राम से अधिक भारी नहीं होने चाहिए.

विभाग ने कहा कि 6वीं और 7वीं कक्षा के लिए छात्रों के बैग अधिकतम 4 किलोग्राम तक भारी हो सकते हैं. इसी तरह 8वीं और 9 के लिए 4.5 किलोग्राम और 10वी के लिए 5 किलोग्राम की सीमा तय की गई है. आदेश में कहा गया, स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्रों को टाइम-टेबल के हिसाब से ही किताबें लाने को कहा जाए.

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को पहली और दूसरी कक्षाओं के छात्रों को सीबीएसई, आईसीएसई या एमबीओएसई के पाठ्यक्रम के अलावा कोई गृह कार्य न देने भी निर्देश दिया है.