नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कई ट्वीट करके कहा कि पिछले पांच महीनों से राजनीतिक संबद्धताओं की परवाह किए बगैर,‘हमने इस विचार को साझा किया था कि विधायकों की खरीद फरोख्त और दलबदल को रोकने के लिए राज्य विधानसभा को तत्काल भंग किया जाना चाहिए, लेकिन हमारे विचारों को नजरअंदाज किया गया. किसने सोचा होगा कि एक महागठबंधन का विचार इस तरह की बैचेनी देगा. उन्होंने यह भी कहा कि आज की तकनीक के दौर में यह बहुत अजीब बात है कि राज्यपाल आवास पर फैक्स मशीन ने हमारा फैक्स प्राप्त नहीं किया लेकिन विधानसभा भंग किए जाने के बारे में तेजी से बयान जारी किया गया.Also Read - आगरा में मृत सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि के परिवार से म‍िलीं प्रियंका गांधी, प्रशासन 10 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देगा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक लोकप्रिय सरकार का गठन करने के लिए वार्ता प्रारंभिक चरण में थी और केन्द्र की भाजपा सरकार इतनी चिंतित थी कि उन्होंने विधानसभा भंग कर दी. आजाद ने कहा, ‘स्पष्ट है कि भाजपा की नीति यही है कि या तो हम हों या कोई नहीं.’इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में बेहतर विकल्प यह है कि यहां जल्द से जल्द नए विधानसभा चुनाव कराए जाएं. भाजपा ने विपक्षी पार्टियों के प्रस्तावित गठबंधन की निंदा करते हुए इसे ‘आतंक-अनुकूल पार्टियों का गठबंधन’ बताया.

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जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने के लिए प्रतिद्वंद्वी दलों के दावों के बीच राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के तुरन्त बाद भाजपा ने ट्वीटर पर कहा कि सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए यह सीमाई राज्य विधायकों की खरीद फरोख्त और अस्थिरता का जोखिम नहीं उठा सकता है. नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि उनकी पार्टी पांच महीनों से विधानसभा भंग किए जाने का दबाव बना रही थी. यह कोई संयोग नहीं हो सकता कि महबूबा मुफ्ती के दावा पेश किये जाने के कुछ ही मिनटों के भीतर अचानक विधानसभा को भंग किये जाने का आदेश आ गया.

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इससे पहले, महबूबा ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इसके बाद लोन की ओर से एक संदेश आया. लोन लंदन से दिल्ली की एक उड़ान में थे. इसी दौरान उन्होंने राज्यपाल को व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेजा जिसमें उन्होंने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया. लोन ने दावा किया था कि वह उनके नेतृत्व में सरकार बनाए जाने का समर्थन कर रहे भाजपा विधायकों और अन्य सदस्यों के समर्थन का पत्र जब वह (राज्यपाल) कहेंगे तब उन्हें सौंप देंगे. इससे पहले दिन में वरिष्ठ पीडीपी नेता अल्ताफ बुखारी ने दावा किया कि लगभग 60 विधायक 87 सदस्यीय सदन में प्रस्तावित गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं.