श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अतिरिक्त 100 कंपनियों को तैनात करने के केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुये शनिवार को कहा कि यह एक ‘राजनीतिक समस्या’ है, जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता है. Also Read - आखिर किस वजह से जम्मू-कश्मीर के कैदियों को आगरा जेल स्थानांतरित किया गया, जानें पूरी डिटेल्स

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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा ने कहा कि केंद्र को अपनी कश्मीर नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरुस्त करना होगा. महबूबा ने ट्विटर पर लिखा कि घाटी में अतिरिक्त 10,000 सैनिकों को तैनात करने के केंद्र के फैसले ने लोगों में भय पैदा कर दिया है. कश्मीर में सुरक्षा बलों की कोई कमी नहीं है. जम्मू-कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता. भारत सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरूस्त करने की जरूरत है.

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उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को सीएपीएफ की अतिरिक्त 100 कंपनियों को तैनात करने का आदेश दिया है. (इनपुट एजेंसी)