श्रीनगर: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को दावा कि उन्हें और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया है और पार्टी नेता वहीद पर्रा के पुलवामा स्थित आवास पर नहीं जाने दिया जा रहा है. पर्रा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस सप्ताह गिरफ्तार कर लिया था. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन से उन्हें पर्रा के परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिन्हें ‘‘निराधार आरोपों’’ पर गिरफ्तार किया गया है. Also Read - Kashmir Weather Today: कश्मीर में पारा माइनस 7.5 पर पहुंचा, बर्फबारी से पर्यटक और व्यापारी खुश

महबूबा ने ट्वीट किया, ‘‘ मुझे एक बार फिर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है. दो दिनों से, जम्मू-कश्मीर प्रशासन मुझे पुलवामा में वहीद वर्रा के परिवार से मिलने नहीं दे रहा है.  भाजपा के मंत्रियों और उनकी कठपुतलियों को कश्मीर में हर जगह आने-जाने की अनुमति है लेकिन मेरे मामले में सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाती है.’’ उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को भी घर में नजरबंद कर दिया गया है. Also Read - DDC Polls Result: बीजेपी ने बताई अपनी सबसे बड़ी जीत, उमर अब्‍दुल्‍ला बोले- उन्‍हें तीन सीटें मुबारक हों

उन्होंने कहा, ‘‘ अत्याचार की कोई सीमा नहीं है. वहीद को निराधार आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और मुझे उसके परिवार को सांत्वना देने के लिए मिलने नहीं दिया जा रहा. यहां तक कि मेरी बेटी इल्तिजा को भी घर में नजरबंद कर दिया गया है क्याोंकि वह भी वहीद के परिवार से मिलना चाहती है.’’ ‘पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी’ (पीडीपी) की प्रमुख ने कहा कि वह आज दिन में ‘‘विभिन्न मुद्दों’’ पर एक संवाददाता सम्मेलन करेंगी.

उधर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि सरकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता ऐसे दे रही है जैसे किसी पर कोई उपकार कर रही हो, और अपनी मर्जी से इसे किसी को दे रही है और छीन रही है. साथ ही कहा कि न्यायपालिका का कोई हस्तक्षेप नहीं है. अब्दुल्ला का यह बयान पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को कथित तौर पर नजरबंद किए जाने पर आया है.

अब्दुल्ला ने ट्वीट किया,‘‘ बाधा खड़ी करना इस प्रशासन की नयी मानक संचालन प्रक्रिया है. उन्होंने मेरे पिता को प्रार्थना करने से रोकने के लिए हाल ही में ऐसा किया था. सरकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता ऐसे दे रही है जैसे कोई उपकार कर रही हो, और अपनी मर्जी से इसे किसी को दे रही है और किसी से छीन रही है और न्यायपालिका का कोई हस्तक्षेप नहीं है.’’ गौरतलब है कि पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को ईद-मिलाद-उन-नबी पर हजरतबल दरगाह पर जाने से रोका गया था.