नई दिल्ली: पीएनबी घोटाले के आरोपी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी ने स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण सीबीआई के सामने पेश होने से आज इंकार कर दिया. सीबीआई को लिखे पत्र में मेहुल ने कहा कि खराब स्वास्थ्य के वह सीबीआई के सामने पेश होने के लिए सफर नहीं कर सकता. अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उसने कहा इस साल फरवरी में उसे दिल का दौरा पड़ चुका है. सीबीआई को लिखे पत्र में उन्होंने कहा ”सरकार उसे देश के लिए खतरा मानती है. सरकार ने मेरा पासपोर्ट भी रद्द कर दिया है ऐसी सूरत में वह देश से केसे भाग सकता हैं.” Also Read - क्रिश्चियन मिशेल की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली की अदालक ने ईडी को पूछताछ के लिए दी इजाजत

मेहुल ने कहा कि तमाम मीडिया चैनलों ने उनकी छवि खराब करने का काम किया है. उसने कहा जीवन का अधिकार और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार हर भारतीय नागरिक का मूलभूत अधिकार है जो उससे कोई नहीं छीन सकता. हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने और 1300 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया है. जिसके कारण कुल फर्जी ट्रांजेक्शन की रकम 12700 करोड़ रुपये हो गई है. इस मामले की चल रही जांच से लगातार नई जानकारियां सामने आ रही है. पीएनबी के मुताबिक नीरव और चोकसी कई वर्षों से बैंक की ओर से फर्जी तरीके से हासिल लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग विदेशी बैंकों को सौंप रहे रहे थे. Also Read - थाना प्रभारी ने फंखे से लटकर सुसाइड किया, एक पार्टी के नेता ने की सीबीआई जांच की मांग

100 करोड़ की संपत्ति पर मिले थे 5 हजार करोड़ से अधिक के लोन Also Read - पत्रकारों की स्वतंत्रता अभिव्यक्ति की आजादी का मूल है, लेकिन यह परम नहीं है : सुप्रीम कोर्ट

गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी के खिलाफ शुरू हुई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जांच में पाया गया है कि मेहुल चौकसी ने नवंबर 2010 से अप्रैल 2014 के बीच 31 बैंकों से 5,280 करोड़ रुपए बतौर लोन प्राप्त कर लिए, जबकि इस लोन की एवज में उसने बैंकों के पास सिर्फ 100 करोड़ रुपए की संपत्ति जमानत के तौर पर रखी.

मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इलाहाबाद बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड इस मामले में प्रतिभूतियों की संरक्षक है. जांच एजेंसियों ने इलाहाबाद बैंक और ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. बैंकों से मेहुल चौकसी की फर्म को दिए गए लोन के बारे में जानकारी और लोन के लिए अपर्याप्त प्रमाण के कारणों पर भी सफाई मांगी गई है

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, मेहुल चौकसी ने अपने पिता चीनूभाई चौकसी से गीतांजलि कंपनी की जिम्मेदारी 1985 में ली थी. उस समय गीतांजलि कंपनी का टर्नओवर सिर्फ 50 करोड़ रुपये था. रिपोर्ट के मुताबिक 53 साल के चौकसी ने बताया था कि हमेशा से उसका सपना लक्जरी गहनों की दुनिया में सबसे बड़ा खिलाड़ी बनने का था. मेहुल चौकसे के पांच राज्यों के छह शहरों के 20 ठिकाने पर छापेमारी की गई है.इनमें मुंबई, पुणे, सूरत, जयपुर और हैदराबाद शहर में छापेमारी की गई.