नई दिल्ली: नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि सरकार ने कभी नहीं कहा कि किसी निश्चित तारीख तक कोरोना वायरस (Corona Virus) के मामले शून्य हो जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने इस संबंध में हुयी किसी भी गलतफहमी के लिए माफी मांगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए पॉल ने कहा कि पूर्व में उनके द्वारा पेश किया गया ग्राफ गणितीय आंकड़ों पर आधारित था और “ग्राफ में कहीं भी शून्य शब्द का उल्लेख नहीं था.’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यहां तक ​​कि मैंने भी कभी नहीं कहा कि उस विशेष तारीख तक मामले शून्य हो जाएंगे.”Also Read - दूसरी बार कोरोना पॉजिटिव हुए Chiranjeevi, बोले- जो मेरे टच में आए वो टेस्ट कराएं

पॉल ने कहा, “हमने आपको तथ्यात्मक जानकारी दी और कोई दावा नहीं किया गया. मैं गलतफहमी के लिए माफी मांगता हूं और जैसा समझा गया वैसा अर्थ नहीं था.’’ अप्रैल में स्वास्थ्य मंत्रालय की ब्रीफिंग में एक प्रस्तुति दी थी जिसमें उन्होंने बताया था कि किस प्रकार लॉकडाउन से वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिली. Also Read - Omicron: त्वचा पर 21 घंटे तक जिंदा रहता है कोरोना का ओमीक्रोन वेरिएंट, हैंड हाइजीन सबसे जरूरी

एक स्लाइड में दर्शाया गया था कि 16 मई तक मामले शून्य हो सकते हैं. पॉल ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन एक विशेष प्रयास है लेकिन यह असीमित समय तक नहीं चल सकता. उन्होंने कहा कि सामान्य स्थिति लौटनी चाहिए और लोगों की आजीविका का भी सवाल है. लॉकडाउन हमेशा के लिए नहीं किया जा सकता. यह एक उद्देश्य के लिए था और इसने बहुत हद तक उस उद्देश्य को प्राप्त किया. Also Read - Coronavirus in India:पिछले 24 घंटों में 2.85 लाख नए मामले, कल के मुकाबले 30 हजार ज्यादा नए केस