नई दिल्ली। तवांग के नजदीक हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद सात जवानों के शवों को गत्ते में लपेटने की तस्वीर सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है. तस्वीर में जवान गत्तों और प्लास्टिक रस्सी में ऐसे लपेटे दिख रहे हैं जैसे किसी एसी को लपेटकर ले जाया जाता है. रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एच.एस पनाग ने इन तस्वीरों को ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘सात जवान कल घर से अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिए निकले थे. कुछ इस तरह से वापस घर लौटे.’ रविवार को वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने कहा कि तवांग में एमआई-17 हेलीकॉप्टर की दुर्घटना उसके टेल रोटर के अलग हो जाने की वजह से हुई हो सकती है जिसमें सात सैनिक मारे गये.

इस पर सेना ने एक बयान जारी करके कहा कि स्थानीय संसाधनों से शवों को लपेटना ‘भूल’ थी और मृत सैनिकों को हमेशा ही पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया है. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सेना ने बयान में कहा कि पार्थिव शरीरों को बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से और ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा.

बयान में कहा गया है ‘‘मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया जाता है. शवों को बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से, ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा.’’ बाद में सेना द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में सीमित संसाधनों के कारण हेलिकॉप्टर ज्यादा भार नहीं ले जा सकते. बॉडी बैग्स या ताबूत के बजाय शव उपलब्ध स्थानीय संसाधनों में लपेटे गए. यह एक भूल थी. गुवाहाटी बेस अस्पताल में पोस्टमार्टम के तुरंत बाद शवों को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ लकड़ी के ताबूत में रखा गया.

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) पनाग ने कहा कि जब तक ताबूत उपलब्ध नहीं हों तब तक शवों को अग्रिम स्थानों से ले जाने में उचित सैन्य बॉडी बैग्स का अवश्य इस्तेमाल किया जाना चाहिये. तस्वीरों के सामने आने के बाद ट्विटर पर कई लोगों ने रोष जाहिर किया. गौरतलब है कि तवांग के पास पिछले शुक्रवार को एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और आग लग गयी थी. दुर्घटना में दो पायलट समेत वायु सेना के पांच जवान और थलसेना के दो कर्मी मारे गये. गत्ते में लिपटे जवानों की तस्वीर सामने आने के बाद भारतीय सेना के ट्विटर एकाउंट ने एक और तस्वीर पोस्ट की जिसमें जवानों को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है.

वायु सेना दिवस के अवर पर एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा कि हेलीकॉप्टर का टेल रोटर अलग हो गया था. मेरे लिए यह बताना उचित नहीं होगा कि यह क्यों अलग हो गया क्योंकि दुर्घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दे दिया गया है. उन्होंने दुर्घटना में मारे गये सात सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि भी दी.

धनोआ ने कहा कि विमान के इंजन में कोई तकनीकी समस्या नहीं है क्योंकि एमआई 17 वी5 का बेड़ा अब भी उड़ान भर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मशीन में कोई समस्या नहीं है क्योंकि हेलीकॉप्टर आज भी उड़ान भर रहा है.’’ वह वायु सेना दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे. रूस द्वारा निर्मित हेलीकॉप्टर भारत-चीन सीमा के पास पर्वतीय क्षेत्र में भारतीय सेना की अग्रिम चौकी पर आपूर्ति करता है.

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