Helicopter crash: IAF का बयान, हेलीकाप्‍टर के बादलों में घुसने और अचानक मौसम बदलने से हुआ था हादसा

एयरफोर्स ने बताया कि 8 दिसंबर 21 को एमआई-17 वी5 दुर्घटना में ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने अपने प्रारंभिक निष्कर्षों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का विश्लेषण किया

Published: January 14, 2022 8:00 PM IST

By Laxmi Narayan Tiwari

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(फाइल फोटो)

Helicopter crash, IAF, Mi-17 V5 accident, CDS General Vipin Rawat, News:भारतीय वायुसेना ने बीते 8 दिसंबर 21 को एमआई-17 वी5 दुर्घटना के लिए गठित ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के निष्‍कर्षों की जानकारी देते हुए बताया है कि हेलीकाप्‍टर हादसे अचानक मौसम बदलने और हेलिकाप्‍टर के बादलों में घुसने की वजह से हुआ था. ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने दुर्घटना के कारण के रूप में यांत्रिक विफलता, तोड़फोड़ या लापरवाही से इनकार किया है.

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IAF ने अपने बयान में कहा है कि मौसम में अप्रत्याशित बदलाव के कारण बादलों में घुसने से हुआ हादसा… इससे पायलट का स्थानिक भटकाव हुआ, जिसके चलते नियंत्रित उड़ान इलाके में यह हादसा हुआ. इंडियन एयरफोर्स ने कहा, अपने निष्कर्षों के आधार पर, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने कुछ सिफारिशें की हैं जिनकी समीक्षा की जा रही है.

वायु सेना ने कहा,  8 दिसंबर को अप्रत्याशित ढंग से मौसम में बदलाव के कारण बादलों में प्रवेश के परिणामस्वरूप हेलीकॉप्टर दुर्घटना हुई, जिससे पायलट का स्थानिक भटकाव हुआ. वायु सेना ने कहा, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के कारणों के रूप में यांत्रिक विफलता, तोड़फोड़ या लापरवाही को खारिज किया गया है.

बता दें कि 8 दिसंबर 21 को एमआई-17 वी5 दुर्घटना में में सीडीएस रावत और अन्य की मौत हो गई थी. इसकी जांच के लिए ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई थी. एयरफोर्स ने कहा, ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने अपने प्रारंभिक निष्कर्षों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का विश्लेषण किया है. ट्राई-सर्विसेज कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने दुर्घटना के कारण के रूप में यांत्रिक विफलता, तोड़फोड़ या लापरवाही से इनकार किया है.

तमिलनाडु में कुन्नूर के निकट हुए इस हादसे में देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत समेत 14 लोगों की मृत्यु हो गई थी. वायुसेना ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ” आठ दिसंबर, 2021 को एमआई-17 वी5 दुर्घटना में ‘ट्राई सर्विसेज कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ ने अपने प्रारंभिक निष्कर्ष सौंपे हैं.”इसमें कहा गया है, ” कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के कारणों के रूप में यांत्रिक विफलता, तोड़फोड़ या लापरवाही को खारिज किया गया है.”

ट्राई सर्विसेज कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ ने अपने प्रारंभिक निष्कर्ष में कहा  है, ”दुर्घटना घाटी में मौसम की स्थिति में अप्रत्याशित बदलाव के कारण बादलों में प्रवेश का परिणाम थी. इससे पायलट का स्थानिक भटकाव हुआ, जिसके परिणामस्वरूप ‘कंट्रोल्ड फ्लाइट इनटू टेरेन (सीएफआईटी)’ या हादसा हो गया.”

अमेरिकी विमानन नियामक एफएए के अनुसार, सीएफआईटी को इलाके- जमीन, पहाड़, जल निकाय या कोई बाधा के साथ अनजाने में टकराव के रूप में परिभाषित किया गया है जबकि एक विमान सकारात्मक नियंत्रण में है.

भारतीय वायुसेना ने कहा कि जांच दल ने दुर्घटना के सबसे संभावित कारण का पता लगाने के लिए सभी उपलब्ध प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के अलावा ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ और ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ का विश्लेषण किया.

दुर्घटना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की अध्यक्षता एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह कर रहे थे. एयर मार्शल सिंह, वर्तमान में भारतीय वायुसेना के बेंगलुरु-मुख्यालय प्रशिक्षण कमान का नेतृत्व कर रहे हैं. प्रशिक्षण कमान की बागडोर संभालने से पहले, एयर मार्शल वायु मुख्यालय में महानिदेशक (निरीक्षण और सुरक्षा) थे और उन्होंने पद पर रहते हुए उड़ान सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रोटोकॉल विकसित किए.

इस हादसे में जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका, उनके रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर एल. एस. लिद्दर, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के स्टॉफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह और पायलट ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह दुर्घटना में मारे गए 13 अन्य लोगों में शामिल थे. सरकार ने अभी तक एक नए सीडीएस की नियुक्ति नहीं की है.

बता दें कि 8 दिसंबर के जनरल रावत और 13 लोग सुलूर हवाई अड्डे से वेलिंगटन जाते समय उस समय हादसे का शिकार हो गए थे, जब उनका हेलीकॉप्टर Mi-17V5 लैंडिंग से कुछ मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया. जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, उनके रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखबिंदर सिंह लिद्दर, स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह और वायु सेना के हेलिकॉप्टर चालक दल सहित 9 अन्य सशस्त्र बल कर्मी मारे गए. इनमें विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अधिकारी राणा प्रताप दास, जूनियर वारंट अधिकारी अरक्कल प्रदीप, हवलदार सतपाल राय, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक बी साई तेजा शामिल थे.

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Published Date: January 14, 2022 8:00 PM IST