अहमदाबाद: देश में एक तरफ कोरोना का बढ़ता खतरा तो वहीं दूसरी तरफ प्रवासी मजदूरों का लगातार विरोध प्रदर्शन प्रशासन के लिए आफत बन चुका है. यह स्थिति तब और भी खराब हो जाती है जब दोनों के बीच झड़प और पथराव जैसी खबरे सामने आती है. कुछ ऐसा ही मामला गुजरात के अहमदाबाद में देखने को मिला. यहां पुलिस और प्रवासी मजदूरों को बीच जमकर झड़प हुई इसके बाद बात इतनी बिगड़ गई की पथराव तक की नौबत आ गई. Also Read - पुलिस ने बेरोजगार हुए शख्स को चोरी करते पकड़ा, आपबीती सुन लेडी सब इंस्पेक्टर ने घर पहुंचाया राशन, फिर...

दरअसल अहमदाबाद में प्रवासी मजदूर उन्हें उनके गृह राज्य भेजे जाने की मांग कर रहे थे. इस बीच पुलिस से प्रवासी मजदूरों की बहस हो गई. इसके बाद दोनों की बहस झड़प में बदल गई और प्रवासी मजदूरों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव करना शुरू कर दिया. इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस के दो वाहन भी नष्ट हो गए. Also Read - सोनिया गांधी की मोदी सरकार से डिमांड- जरूरत मंदों और प्रवासी मजदूरों को केंद्र 7,500 रुपये दे

डीसीपी (जोन-1) प्रवीण मल ने बताया कि जब पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को पथराव करने से रोका तो वे वस्त्रापुर चले गए और वहां दो पुलिस वाहनों में तोड़ फोड़ कर उन्हें नष्ट कर दिया. 250 से अधिक लोगों ने मिलकर दफ्तर के चल रहे निर्माण कार्य में भी तोड़फोड़ मचाई. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल हालात काबू में है.