नई दिल्ली: देश में एक तरफ कोरोना वायरस के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है. वहीं कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कोरोना योद्धा जमकर डटे हुए हैं. बीते दिनों पुलिस प्रशासन व डॉक्टरों की टीम पर पथराव की कई घटनाओं के बाद सरकार की तरफ से सख्त कानून बनाए गए थे. अगर कोई भी डॉक्टरों की टीम पर हमला करने का दोषी पाया गया तो उसे 7 साल तक की सजा हो सकती है. ऐसे में अब भी पुलिस पर हो रहे हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. Also Read - Video: हवा में उड़ते ही निकला एयर एंबुलेंस का पहिया, फिर ऐसे हुई लैंडिंग; सभी सुरक्षित

कुछ ऐसा ही मामला तेलंगाना में देखने को मिला. यहां लगभग 2,400 प्रवासी मजदूर जो आईआईटी हैदराबाद में कई निर्माण स्थलों में काम कर रहे थें, उन्होंने आज सुबह विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उनकी मांग यह थी कि उन्हें वापस उनके घर भेजा जाए. इस विरोध प्रदर्शन के बीच कुछ प्रवासी मजदूरों ने वहां तैनात पुलिस टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया. इस पथराव में एक सिपाही को चोट आई है साथ ही पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया है. Also Read - भारत को मिली तीसरी COVID वैक्सीन: रूस से Sputnik V की पहली खेप हैदराबाद पहुंची

बता दें कि इससे पहले इंदौर में डॉक्टरों की टीम व मुरादाबाद में पुलिस की टीम पर पथराव किया जा चुका है. डॉक्टरों की टीम पर पथराव करने के कारण ही सरकार की तरफ से कानून पारित किया गया. इस कानून के तहत अगर आरोप सिद्ध हो जाए तो आरोपी को 7 साल की सजा भी हो सकती है.