नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस संक्रमण से श्रमिकों के विस्‍थापन की रुला देने वाले वाकयों के बीच ये वीडियो तमिलनाडु के कोयम्‍बटूर के सुंदरापुरम का है, जहां यूपी और बिहार के श्रमिक फंसे हुए हैं. यहां बुधवार को श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनों के पास पाने के लिए प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. Also Read - इरफान पठान बोले-कोरोना के बाद गेंदबाजों की चोट बन सकती है परेशानी का सबब, दी अहम सलाह

देश के विभिन्‍न राज्‍यों से अपने घरों को लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की दिल दुखा देने वाली तस्‍वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं. कई शहरों में प्रवासी अपने घरों को वापस लौटनें के लिए परेशान हैं और भीड़ के रूप में आकर कई बार अपने गुस्‍से का इजहार भी किया है. हालांकि, रेलवे तय नियमों के तहत श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें चलाकर प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्‍यों में पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं. Also Read - WATCH: कड़कती बिजली के बीच धोनी ने निकाली बाइक, बेटी जीवा को कराई सैर

अब तक 1,600 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाई गई, 21.5 लाख प्रवासियों को पहुंचाया
भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि एक मई से लेकर अब तक 1,600 से ज्यादा श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा चुकी हैं और रेलवे ने 21.5 लाख से ज्यादा प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है. रेलवे ने मंगलवार को बताया कि 900 से ज्यादा ट्रेनें उत्तर प्रदेश रवाना हुई हैं. वहीं, बिहार ने 428 और मध्य प्रदेश ने सौ से अधिक ट्रेनों को अनुमति दी.

दो दिन में रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या दोगुनी की जाएगी
वहीं, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा, ‘अगले दो दिन में रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या दोगुनी करके 400 प्रतिदिन करेगा. सभी प्रवासियों से अपील है कि वे जहां हैं, वहीं रहें, भारतीय रेल उन्हें कुछ दिनों में उनके घरों तक पहुंचाएगा. मंगलवार को रेलवे ने यह भी कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए अब ट्रेन के गंतव्य स्थान वाले राज्यों की सहमति लेना जरूरी नहीं है. (इनपुट: एजेंंसी)