प्रवासी मजूदरों के लिए चल रहीं स्पेशल ट्रेनों में लिए गए किराए पर देश भर में राजनीति गरमाई हुई है. विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है और इसकी आलोचना की है. कांग्रेस ने मजदूरों का किराया वहन करने की बात कही है. Also Read - 12 साल की बच्‍ची ने बचत के पैसों से प्रवासी मजदूरों को फ्लाइट से झारखंड भेजने का किया इंतजाम

इस बीच बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से बयान आए हैं. जिसमें कहा गया है कि अब राज्य सरकार ट्रेन के किराए वहन करेंगी और मजूदरों को जेब से कुछ नहीं देना होगा. Also Read - 54 जिलों से हैं 50% प्रवासी, 44 यूपी-बिहार के ही, PM मोदी का वाराणसी, योगी का गोरखपुर, अखिलेश का इटावा लिस्ट में

  Also Read - महाराष्ट्र सरकार से मुंबई हाई कोर्ट ने पूछा, प्रवासी कामगारों के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए, स्पष्ट करें

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जो किराया श्रमिक देंगे, उसे क्वारन्टीन पूरा करने पर वापिस किया जाएगा. यही नहीं, 500 रुपये अतिरिक्त हर व्यक्ति को दिए जाएंगे. क्वारन्टीन का 21 दिन का समय पूरा होने पर हर व्यक्ति को कम से कम एक हजार दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि छात्रों को कोटा से अपने खर्च पर ला रही है राज्य सरकार. छात्रों से किसी तरह का कोई किराया नहीं लिया जा रहा है. विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए नितीश ने ये बातें कहीं.

वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों की ओर से भी बयान आया है कि वे मजदूरों का किराया वहन करेंगी.