नई दिल्ली. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को कहा कि विदेश नीति केवल देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध बनाने से संबंधित नहीं है, बल्कि दूसरे देशों में लोगों तक पहुंच बनाने, उनके जीवन में बदलाव लाने और सशक्त बनाने से भी जुड़ा है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद विदेश नीति में करुणा एवं अपनापन की भावना भरने का काम किया है. विदेश मंत्री ने ‘मानवता के लिए भारत’ (#IndiaForHumanity) पहल की शुरुआत करते हुए यह बात कही. इसमें विभिन्न देशों के रेसिडेंट मिशन के प्रमुख, राजनयिकों, अधिकारियों आदि ने हिस्सा लिया. विदेश मंत्रालय ने महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष के अवसर पर मानवता के प्रति उनकी सेवा के सम्मान में ‘मानवता के लिए भारत’ पहल की शुरुआत की है.

कृत्रिम पैर लगाने को लगेंगे शिविर
‘मानवता के लिए भारत’ अभियान के तहत भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से विभिन्न देशों में कृत्रिम पैर लगाने का शिविर लगाया जाएगा. इस अवसर पर सुषमा स्वराज ने कहा, ‘विदेश नीति केवल देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध बनाने से संबंधित नहीं है बल्कि दूसरे देशों में लोगों तक पहुंच बनाने, उनके जीवन में बदलाव लाने और सशक्त बनाने से भी जुड़ा है.’ उन्होंने कहा कि विदेश नीति का आशय मिल-जुलकर दुनिया के समक्ष मौजूदा समस्याओं का समाधान निकालना है. यह नहीं भूलना चाहिए कि जो भी नीति हम बनाते हैं, जो भी कदम उठाते हैं, अंतत: इसका फायदा लोगों को हो और होना भी चाहिए. ‘इंडिया फार ह्यूमैनिटी’ के तहत प्रारंभ में 12 देशों में शिविर आयोजित किए जाएंगे.

भारतीय नागरिकों को संकट से उबारा
विदेश मंत्री ने अभियान के शुरू होने के मौके पर मंत्रालय द्वारा पिछले कुछ वर्षों में किए गए काम-काज के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद हमने अपनी विदेश नीति में करुणा, अपनापन और सेवा का भाव भरने का प्रयास किया. इस उद्देश्य के लिए हमने भारत और विदेश में सभी पक्षकारों से संपर्क किया.’ उन्होंने कहा कि चाहे विदेश में किसी महिला को उसके पति ने छोड़ दिया हो, चाहे किसी को उपचार के लिए वीजा की जरूरत हो, चाहे कोई भी भारतीय जिसे महसूस हुआ हो कि उसे पासपोर्ट का तत्काल नवीनीकरण कराने की जरूरत है, मंत्रालय ने सभी का सहयोग किया.’ सुषमा स्वराज ने कहा कि उनके मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को संकट के स्थान से निकालने में अपने प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा, ‘हम केवल भारतीय नागरिकों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि सभी देशों के लोगों को मदद पहुंचाई.’ उन्होंने कहा कि इस भावना के साथ हमने ‘इंडिया फार ह्यूमैनिटी’ जैसी शानदार पहल की शुरुआत की. यह पहल ऐसे हजारों लोगों की जिंदगियों को स्पर्श करेगी जिन्हें मदद की जरूरत हो. यह पहल विभिन्न देशों में एक वर्ष तक चलेगी.