मथुराः उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात की धार्मिक सभा आयोजित किए जाने की आलोचना की और इसे शर्मनाक करार दिया. शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजकों को सजा भुगतनी होगी. Also Read - एक बार फिर यूएई ने बीसीसीआई के सामने रखा IPL आयोजन का प्रस्ताव

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब सारी दुनिया जानलेवा महामारी के संकट से गुजर रही है और देश में लागू बंद के बीच तमाम मुश्किलें सहकर भी करोड़ों लोग सरकार के निर्देशों का अनुपालन कर अपनी और अपने लोगों की जान बचाने के लिए प्रयासरत हैं. ऐसे में, कुछ लोगों ने मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम के नाम पर सभी कायदे-कानूनों को धता बताते हुए देश भर के लोगों को खतरे में डाल दिया.’’ Also Read - गेंदबाजी कोच की सलाह- अपने राज्य के मैदानों पर अभ्यास शुरू करें भारतीय क्रिकेटर

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत शर्मनाक है. पहला गुनाह यह है कि आपको जानकारी थी, इसके बावजूद आप निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठा हुए. दूसरा गुनाह यह है कि आप बीमार थे, आपको जानकारी थी, फिर भी वहां से भागने की कोशिश की गई और देश के अलग-अलग शहरों में जाकर छुप गए.’’ Also Read - WHO Unbelievable Statement: भारत में कोरोनावायरस के तेजी से बढ़ते मामलों पर WHO ने कही ये बड़ी बात, आप भी रह जाएंगे हैरान

शर्मा ने कहा, ‘‘आपको पकड़ा गया और डॉक्टरों ने आपकी जांच की और आप संक्रमित पाए गए. इसके बाद जब आपको पृथक वास में रखा गया तो आपने वहां कार्यरत नर्सों व डॉक्टरों पर थूकने का काम किया. उनके साथ अभद्र एवं अश्लील हरकतें की गईं. उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. सबसे बड़ा गुनाह यह किया गया कि जब आलोचना हुई तो मामले को हिन्दू-मुस्लिम का मुद्दा बनाने की कोशिश की गई. यह बहुत शर्मनाक है.’’

उन्होंने चेताया, ‘‘यह ऐसा गुनाह है जिसकी सजा निश्चित रूप से मिलेगी. कानून के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. डॉक्टरों, पुलिस और अन्य कर्मियों पर कहीं और भी कोई हमला करेगा तो ऐसे लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी.’’