नई दिल्ली. भारतीय सेना में महिला अफसरों की संख्या में दिनानुदिन बढ़ोतरी हो रही है. यह वृद्धि सेना के किसी एक नहीं, बल्कि सेना के तीनों अंगों में देखी गई है. वर्ष 2015 से लेकर 2017 तक हर साल सेना में महिला अफसरों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. यह वृद्धि सेना के तीनों भाग, जल, थल और वायु में हुई है. यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने आज लोकसभा में कमला देवी पाटले के सवाल को दिए लिखित जवाब में दी है. इस जानकारी के अनुसार 2015 में थल सेना में जहां 1466 महिला अफसर थीं, वहीं 2016 में इनकी संख्या 1512 और 2017 में 1548 हो गई है. इसी तरह जल सेना में 2015 में 382 महिला अफसर तैनात थीं, जबकि 2016 में 409 और 2017 में यह संख्या 469 हो गई. मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वायु सेना में वर्ष 2015 में जहां 1428 अफसर थीं, वहीं 2016 में यह संख्या 1584 और 2017 में 1598 हो गई है. इन महिला अफसरों में वे कर्मी शामिल नहीं हैं जो सेना में चिकित्सा विभागों में कार्यरत हैं.

सेना के चिकित्सा विभाग में करीब 5 हजार महिला अफसर
रक्षा राज्यमंत्री द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार सेना के चिकित्सा विभाग के विभिन्न सेक्शन में आज की तारीख में लगभग 5 हजार महिला अफसर कार्यरत हैं. इसके तहत आर्मी मेडिकल कोर में 975 महिला अफसरों की तैनाती है. वहीं एडी कॉर्प्स (दंत चिकित्सक) में 127 अफसरों की तैनाती है. वहीं मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में वर्तमान में 3 हजार 730 महिला अफसर कार्यरत हैं. मंत्री ने लोकसभा में लिखित जानकारी देते हुए बताया कि सेना में एक भी नॉन-कमीशंड महिला अफसर नहीं है. इसके अलावा नेवी (जल सेना) में 27 फरवरी 2018 की तारीख तक कुल 639 महिला अफसर कार्यरत हैं. इनमें चिकित्सा व दंत चिकित्सक भी शामिल हैं.

international Women’s Day 2018  best Greetings SMS WhatsApp Messages Facebook Status to Wish Women | Happy Women’s Day! इन WhatsApp मैसेज और ग्रीटिंग्‍स से करें विश…

international Women’s Day 2018 best Greetings SMS WhatsApp Messages Facebook Status to Wish Women | Happy Women’s Day! इन WhatsApp मैसेज और ग्रीटिंग्‍स से करें विश…

महिला अफसरों की शिकायतों पर होती है त्वरित कार्रवाई
पीआईबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार रक्षा राज्य मंत्री ने सांसद को दिए गए लिखित जवाब में यह जानकारी भी दी है कि कार्यस्थल पर महिलाओं से भेद-भाव संबंधी किसी भी शिकायत को सेना में गंभीरता के साथ लिया जाता है. सेना के किसी भी अंग (जल, थल और वायु) में कार्यरत किसी महिला अधिकारी के साथ भेद-भाव या अन्य प्रकार की घटनाएं न हों, इसका खास ख्याल रखा जाता है. साथ ही अगर कोई महिला अधिकारी इस तरह की शिकायत करती है, तो तुरंत ही आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है.