मुंबई: नागर विमानन मंत्रालय ने देश में व्यावसायिक हवाई यात्रा सेवा फिर से शुरू करने के लिए मसौदा मानक परिचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तैयार की है. लॉकडाउन के बाद व्यावसायिक उड़ान सेवा फिर से शुरू करने के लिए पहले चरण में कोविड-19 से संबंधित विस्तृत प्रश्नावली भरना, केबिन में सामान नहीं ले जाना, आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग करना और विमान प्रस्थान के समय से कम से कम दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना अनिवार्य किया जा सकता है. Also Read - राजधानी दिल्ली में पासवर्ड हैक कर बनाए जा रहे थे फर्जी ई-पास, घेरे में कई कर्मचारी, शुरू हुई जांच

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण 25 मार्च से घरेलू हवाई यातायात निलंबित चल रहा है. सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन्स और विमान पत्तन संचालकों समेत सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श के बाद मसौदा एसओपी तैयार किया गया है. इस पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं. Also Read - देश में लगा करीब एक लाख लोगों की मौत का अंबार, लेकिन टेंशन फ्री होकर गोल्फ खेलते दिखे डोनाल्ड ट्रंप

नागर विमानन मंत्रालय की मसौदा एसओपी की ये बातें अहम
– घरेलू हवाई यात्रा करने वाले सभी लोगों के लिए आरोग्य सेतु ऐप में ग्रीन स्टेटस जरूरी होगा
– वेब चैक-इन और तापमान की जांच का प्रस्ताव किया गया है.
– एक उड़ान में एक ही केबिन और कॉकपिट कर्मी दल को लंबे समय तक रखा जा सकता है, ताकि उनमें आपस में संक्रमण का जोखिम कम हो.
– मसौदा एसओपी केवल यात्रियों के साथ सुरक्षा एजेंसियों, विमान पत्तन संचालकों के अनुपालन के लिए भी सुझाए गए हैं
– एसओपी में एयरपोर्ट के प्रवेश द्वारों पर पहचान पत्र की जांच नहीं की जाएगी
– सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना जरूरी
– एक अन्य सुझाव में चिकित्सकीय आपात स्थिति वाले किसी यात्री को अलग बैठाने के लिए विमान की तीन कतारों को खाली रखना भी शामिल है. Also Read - खुशखबरी! बिहार में जून के पहले हफ्ते से सड़क पर फिर से दौड़ेंगी बसें, चरणबद्ध रूप में शुरू होगी सेवा

– यात्रियों को एक प्रश्नावली दी जाए और पिछले कम से कम एक महीने में कोविड-19 के संबंध में या यदि वे पृथक-वास में रहे हैं तो उसके संबंध में जानकारी यात्रा से पहले ही भरवाई जाए.

-पिछले एक महीने में पृथक-वास में रहे किसी यात्री को अलग से बनाई गई सुरक्षा जांच इकाई के पास ही सुरक्षा जांच के लिए भेजा जाए.

– यात्रियों को सामान संबंधी सीमाओं की भी जानकारी होनी चाहिए

– यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण कराना चाहिए तथा हवाईअड्डे पर पहुंचने के लिए अधिकृत टैक्सियों से पहुंचना चाहिए.

बिना अतिरिक्त शुल्क के तिथि बदलने की अनुमति होनी चाहिए
मंत्रालय का यह भी सुझाव है कि जिन यात्रियों को शारीरिक तापमान अधिक होने या उम्र आदि की वजह से यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती, उन्हें बिना अतिरिक्त शुल्क के तिथि बदलने की अनुमति होनी चाहिए.

बीच वाली सीट को खाली रखने के बारे में कोई जिक्र नहीं
गौर करने लायक यह बात है कि इस मसौदा एसओपी में सामाजिक दूरी बनाकर रखने के लिए विमान की बीच वाली सीट को खाली रखने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. विमानन नियामक डीजीसीए ने मार्च में व्यावसायिक उड़ान सेवाएं स्थगित होने से पहले ही बीच की सीट को खाली रखने का सुझाव दिया था.