नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कार्यालयों के लिए एसओपी जारी कर कहा कि कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को क्षेत्र के संक्रमणमुक्त होने तक घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी और इस अवधि को अवकाश में नहीं गिना जाएगा.Also Read - दिल्ली हाट में कारीगरों पर दोहरी मार, कोरोना समेत अन्य कारणों से पर्यटक भी नदारद

सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की योजना के तहत मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, यदि किसी कार्यालय में कोविड-19 के एक या दो मामले पाए जाते हैं तो पूरे कार्यालय परिसर को बंद करने की आवश्यकता नहीं है और विषाणुमुक्त किए जाने के बाद काम फिर से शुरू किया जा सकता है. Also Read - Coronavirus cases In India: 24 घंटे में 415 लोगों की हुई मौत, 29 हजार से अधिक लोग हुए संक्रमित

यदि कोविड-19 के अधिक मामले सामने आते हैं तो पूरे भवन को 48 घंटे के लिए बंद करना होगा और सभी कर्मचारी तब तक घर से काम करेंगे. मंत्रालय ने कहा कि संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कार्यालय बंद रहेंगे. Also Read - Coronavirus in Uttar Pradesh Update: यूपी में कम हो रहा कोरोना संक्रमण, 11 जिलों में नहीं दर्ज किए गए सक्रिय मामले

एसओपी के अनुसार, हाथ की स्वच्छता के लिए सैनिटाइजर मशीन और शरीर के तापमान की जांच करने के लिए उचित मशीनों का कार्यालय प्रवेश द्वार पर प्रावधान अनिवार्य होगा और बिना किसी लक्षण वाले कर्मचारी को ही प्रवेश दिया जाएगा. साथ ही चेहरा ढंकना या मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को धार्मिक स्थलों को लेकर गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि परिसर में प्रवेश से पहले सभी को अपने हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे.

प्रवेश द्वार पर ही सबके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा. किसी भी धार्मिक स्थल में घंटी बजाने, मूर्ति छूना मना होगा. आगामी 8 जून से धार्मिक स्थलों के दरवाजें सभी लोगों के लिए खुल जाएंगे.