नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कार्यालयों के लिए एसओपी जारी कर कहा कि कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को क्षेत्र के संक्रमणमुक्त होने तक घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी और इस अवधि को अवकाश में नहीं गिना जाएगा. Also Read - कोरोनावायरस महामारी के बीच सोनम कपूर ने पति के साथ छोड़ा भारत, पहुंच गईं हैं ये देश  

सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की योजना के तहत मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, यदि किसी कार्यालय में कोविड-19 के एक या दो मामले पाए जाते हैं तो पूरे कार्यालय परिसर को बंद करने की आवश्यकता नहीं है और विषाणुमुक्त किए जाने के बाद काम फिर से शुरू किया जा सकता है. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 1,606 नए मामले सामने आए, 35 लोगों की मौत; कुल मामले 1.15 लाख के पार

यदि कोविड-19 के अधिक मामले सामने आते हैं तो पूरे भवन को 48 घंटे के लिए बंद करना होगा और सभी कर्मचारी तब तक घर से काम करेंगे. मंत्रालय ने कहा कि संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कार्यालय बंद रहेंगे. Also Read - जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रमुख को हुआ कोरोना, जितेन्द्र सिंह और राम माधव ने खुद को किया क्वारंटाइन

एसओपी के अनुसार, हाथ की स्वच्छता के लिए सैनिटाइजर मशीन और शरीर के तापमान की जांच करने के लिए उचित मशीनों का कार्यालय प्रवेश द्वार पर प्रावधान अनिवार्य होगा और बिना किसी लक्षण वाले कर्मचारी को ही प्रवेश दिया जाएगा. साथ ही चेहरा ढंकना या मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को धार्मिक स्थलों को लेकर गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि परिसर में प्रवेश से पहले सभी को अपने हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे.

प्रवेश द्वार पर ही सबके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा. किसी भी धार्मिक स्थल में घंटी बजाने, मूर्ति छूना मना होगा. आगामी 8 जून से धार्मिक स्थलों के दरवाजें सभी लोगों के लिए खुल जाएंगे.