नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवासी भारतीय नागरिकों के लिए की बड़ी घोषणा की है. मंत्रालय ने अपने नए आदेश में कहा है कि परिवार में आपात स्थिति के चलते भारत आने की इच्छा रखने वाले भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई) कार्ड धारकों को भारत आने दिया जाएगा. आदेश के मुताबिक सरकार ने परिवार में आपात स्थिति के चलते भारत आने की इच्छा रखने वाले भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई) कार्ड धारकों को यात्रा की अनुमति दी है. Also Read - PM Svanidhi scheme: बिना गारंटी लोन दे रही सरकार, समय पर पैसा चुकाने पर आपको मिलेगी सब्सिडी

मंत्रालय के मुताबिक विदेशों में भारतीय नागरिकों के यहां जन्मे नाबालिग बच्चों और ओसीआई कार्ड धारकों को भारत आने की अनुमति दी गई है. केंद्र सरकार ने विदेशों में फंसे प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) कार्ड धारकों को कुछ चुनिंदा श्रेणियों के तहत देश आने की शुक्रवार को अनुमति दे दी. इसके अलावा उन दम्पत्तियों को भारत आने की इजाजत दी गई है, जिनमें से एक के पास ओसीआई कार्ड है और दूसरा भारतीय नागरिक है तथा उनका भारत में कोई स्थायी निवास है. साथ ही विश्वविद्यालय के उन ओसीआई कार्डधारकों (जो कानूनी रूप से नाबालिग नहीं है) को भी देश आने की इजाजत मिल गई है, जिनके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं और भारत में रह रहे हैं. Also Read - PM Svanidhi scheme: सरकार दे रही बिना गारंटी लोन, ऐसे करें अप्लाई, मिलेंगे और भी कई फायदे

बता दें कि कोरोना महामरी की वजह से पिछले दिनों विदेशी नागरिकों के वीजा और भारतीय मूल के लोगों का ओसीआइ कार्ड निलंबित कर दिया गया था. अब इसे एक बार फिर से बहाल कर दिया गया है. ओसीआई (प्रवासी भारतीय नागरिक) कार्ड धारकों के दीर्घकालिक वीजा पर लगी अस्थायी रोक को लेकर प्रवासी भारतीयों के मन में बैठे भय को दूर करने के लिए सरकार ये कदम उठाया है. गौरतलब है कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक जिनके बच्चे ओसीआई कार्ड धारक हैं और भारतीय मूल के कई लोग जिनके पास यह कार्ड है, वे दीर्घावधि के वीजा पर लगी अस्थायी रोक के कारण भारत की यात्रा नहीं कर पा रहे थे. Also Read - पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिक 'अच्छी-खासी संख्या' में आए, भारत पीछे नहीं हटेगा: राजनाथ सिंह

सरकार ने विदेशों में फंसे भारतीयों को देश वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ शुरू किया है. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को काबू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन लागू किए जाने की 24 मार्च को घोषणा की थी. इसके बाद इस लॉकडाउन को पहले तीन मई, फिर 17 मई और अब 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया.