नयी दिल्ली: व्हॉट्सएप जासूसी विवाद पर गृह मंत्रालय ने कहा कि सरकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों की निजता के उल्लंघन की खबरें भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश है. मंत्रालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोई भी बिचौलिया इकाई नागरिकों की निजता का उल्लंघन करते पाई गयी, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

 

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि व्हॉट्सएप पर भारतीय नागरिकों की निजता भंग करने संबंधी खबरों के आधार पर कुछ बयान सामने आए हैं. कथित उल्लंघन के लिए भारत सरकार को बदनाम करने के प्रयास पूरी तरह से गुमराह करने वाले हैं. केंद्र सरकार नागरिकों के निजता के अधिकार समेत उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करने को लेकर प्रतिबद्ध है. अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि भारत सरकार कानून के प्रावधानों और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सख्ती से काम करती है. किसी भी निर्दोष नागरिक का उत्पीड़न न हो या निजता का उल्लंघन न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रक्षा उपाय हैं.


स्पाईवेयर के मुद्दे पर आईटी मंत्रालय ने Whatsapp से मांगा जवाब, जासूसी का है आरोप

व्हॉट्सएप से अपना जवाब चार नवंबर तक देने को कहा
फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हॉट्सएप ने आज कहा था कि इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये कुछ अज्ञात इकाइयां वैश्विक स्तर पर जासूसी कर रही हैं. भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं. इस बीच, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने इजराइली स्पाईवेयर (जासूसी साफ्टवेयर) के मुद्दे पर व्हॉट्सएप से जवाब मांगा है. व्हॉट्सएप से अपना जवाब चार नवंबर तक देने को कहा गया है. (इनपुट एजेंसी)