नयी दिल्ली: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले से पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अलर्ट रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और खासतौर पर अयोध्या में सुरक्षा तैनाती के लिए अर्द्धसैनिक बलों के 4,000 जवानों को भेजा है.

 

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक आम परामर्श जारी किया गया है जिसमें उन्हें सभी संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात करने को कहा गया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि देश में कहीं भी, किसी भी स्थान पर कोई अप्रिय घटना नहीं हो. उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बलों की 40 कपंनियां राज्य में भेजी है. अर्द्धसैनिक बलों की एक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं. अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला 17 नवंबर से पहले आने की संभावना है.

अयोध्या विवाद: पर्सनल लॉ बोर्ड ने इमामों से की अपील, बोले- कोर्ट के फैसले का सम्मान करें

अयोध्या पर अनावश्यक बयानबाजी से बचें, सौहार्द बनाए रखें: प्रधानमंत्री मोदी
अयोध्या पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आने से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों से इस मुद्दे पर अनावश्यक बयान देने से बचने और देश में सौहार्द बनाए रखने को कहा. बता दें कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उच्चतम न्यायालय अयोध्या मामले में इससे पहले अपना फैसला सुना सकता है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि यहां मंत्रिपरिषद की एक बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला आने की उम्मीद है इसलिए देश में सौहार्द बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है. मोदी ने इस मुद्दे पर अनावश्यक बयानबाजी से बचने को कहा. गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उच्चतम न्यायालय अयोध्या मामले में इससे पहले अपना फैसला सुना सकता है.

Ayodhya Case: अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, जानिए कब आएगा फैसला

केंद्र ने यूपी सरकार को जारी किए सुरक्षा संबंधी निर्देश
अगले हफ्ते अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद है. इसलिए गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को अयोध्या में सभी सुरक्षा तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए आगाह किया है. कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने व किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अयोध्या को किसी किले की तरह बदल दिया जाएगा. आतंकी खतरे के बारे में खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए मंत्रालय ने केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के आदेश पर पिछले सप्ताह जारी एक परिपत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को सचेत किया है. प्रदेश सरकार को पुलिस बल की अधिकतम तैनाती का निर्देश दिया गया है. वहीं सोशल साइट्स पर कोई अफवाह न फैले, इसलिए इन पर भी नजर रखने के आदेश हैं. एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि अयोध्या में एक सार्वजनिक संबोधन प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) को भी संचालित करने को कहा गया है. ऐसी आशंका है कि असामाजिक तत्व लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं. इसलिए परिपत्र में उप्र सरकार को राज्य में अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और विशिष्ट स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं. (इनपुट एजेंसी)

जानें अयोध्‍या में कब से बनना शुरू होगा राम मंदिर!