Oxygen Crisis: एक तरफ पूरा देश कोरोना संक्रमण की महामारी को झेल रहा है तो वहीं अब ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर हाहाकार मचा है. कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को और इलाज करने वाले डॉक्टरों की परेशानी बढ़ गई है. कोरोना की इस दूसरी लहर ने देश में इस महामारी से बचने के सारे इंतजाम अब नाकाफी साबित हो रहे हैं. मेडिकल ऑक्‍सीजन और रेमडेसिविर की भारी किल्‍लत काफी असपतालों में हो रही है,Also Read - भारत में आएगी कोरोना की चौथी लहर? इस आईआईटी प्रोफेसर ने किया है ये दावा-जानिए क्या कहा

गृह मंत्रालय का सख्त आदेश Also Read - Covid 19 in India: देश में बढ़ रहा कोरोना का ग्राफ, दिल्ली में बढ़ रही कंटेनमेंट जोन्स की संख्या

वहीं इस परेशानी ने केंद्र सरकार की चिंता को बढा दिया है और सरकार अस्पतालों तक ऑक्‍सीजन की आपूर्ति को सुचारू करने के लिए पूरी कोशिशें कर रही है. ऑक्‍सीजन टैंकरों को राज्‍यों में रोके जाने की शिकायतें मिलने पर आज केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्‍त रुख अपनाया है और निर्देश दिया है कि राज्यों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा. यही नहीं ऑक्सीजन ले जाने वाले वाहनों के अंतर-राज्य आवाजाही की अनुमति भी दी जाएगी. Also Read - CoronaVirus In India Latest Update: कोरोना की तेज रफ्तार ने बढ़ाई चिंता, आज मिले 3377 नए मरीज, 60 की मौत

दिल्ली सरकार ने यूपी-हरियाणा पर लगाया है आरोप

बता दें कि आज दिल्ली सरकार ने राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर सीधे केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है. दिल्‍ली के उप-मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ऐसे में जब केंद्र सरकार ने दिल्ली का ऑक्सीजन का आवंटन बढ़ा दिया है तो हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें ऑक्‍सीजन लेकर आ रहे टैंकरों को क्यों रोक रही हैं.

मनीष सिसोदिया ने कहा कि  हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें ऐसा क्यों कर रही हैं. दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है और दोनों राज्य की सरकारें, अधिकारी, पुलिस वहां के ऑक्सीजन प्लांट से दिल्ली के लिए ऑक्सीजन नहीं निकलने दे रहे हैं.