नई दिल्लीः मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने सोमवार को तीन सदस्यीय एक समिति गठित की, जो जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने के तरीकों पर सुझाव देगी. मंत्रालय ने यह कदम ऐसे दिन उठाया है जब जेएनयू छात्रों ने छात्रावास शुल्क बढ़ाने के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखते हुए संसद तक विरोध मार्च करने की योजना बनाई है.

एचआरडी सचिव आर सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘‘सभी पक्षों के साथ बातचीत के जरिए जेएनयू की सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने और विवादित मामलों के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को सलाह देने के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की है.’’ इस समिति में पूर्व यूजीसी अध्यक्ष वी एस चौहान, एआईसीटीई अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे और यूजीसी सचिव रजनीश जैन शामिल हैं.

जेएनयू छात्रों का संसद मार्च: बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े, पुलिस से झड़प में कई घायल

सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘‘समिति छात्रों और प्रशासन से तत्काल बातचीत आरंभ करेगी और उठाए जाने वाले कदमों के बारे में सिफारिश देगी. यूजीसी समिति की कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक समर्थन मुहैया कराएगी.’’ उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के छात्र उस छात्रावास नियमावली के खिलाफ तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं जिसमें छात्रावास का शुल्क बढ़ाने, ड्रेस कोड तय करने और छात्रावास में आने-जाने का समय तय करने की बात की गई है.