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अब सिलेंडर बुक करने की चिंता से मुक्ति मिलेगी, पाइपलाइन से घर-घर PNG पहुंचेगी, जानें क्या है पेट्रोलियम मंत्रालय का नया आदेश

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:April 13, 2026 11:01 AM IST

PNG network: PNG नेटवर्क के विकास में तेजी लाने के लिए पाइपलाइन बिछाने और उसके विस्तार के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया जा रहा है.

PNG Gas Pipeline: अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक होने से भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया के देश तेल-गैस की किल्लत का सामना कर रहे हैं. जिस तरह की परिस्थितियां हैं उसे देखते हुए यही लगता है कि यह संकट लंबे समय तक चलने वाला है. मौजूदा हालातों को समझते हुए केंद्र सरकार ने जनता को परेशानियों से बचाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है.

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने क्या बताया

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया है कि भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है. साथ ही इससे निपटने के उपाय भी कर रही है. इसे लेकर हाल ही में सरकार ने 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' अधिसूचित किया है.

समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, PNG नेटवर्क के विकास में तेजी लाने के लिए पाइपलाइन बिछाने और उसके विस्तार के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया जा रहा है. मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत होगी और भारत की गैस-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. मंत्रालय ने बताया है कि मार्च 2026 से अब तक, 4.24 लाख से ज्यादा PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं. 4.66 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है.

24 घंटे में 52.3 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार, 12 अप्रैल को बताया कि देश में घरेलू एलपीजी का वितरण सामान्य बना हुआ है. शनिवार, 11 अप्रैल को 52.3 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए और किसी भी वितरण केंद्र पर एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली. मंत्रालय द्वारा जारी एक अपडेट के अनुसार ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में लगभग 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) के आधार पर डिलीवरी में लगभग 93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

इसके अलावा उपभोक्ताओं को पीएनजी और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. वहीं, 30,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए. मंत्रालय ने नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करने और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी है.

सरकार ये कदम भी उठा रही है

केंद्र सरकार ने बताया है कि प्रवासी मजदूरों को वितरित करने के लिए प्रत्येक राज्य को उपलब्ध कराए जाने वाले 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को दोगुना कर दिया गया है. 23 मार्च से अब तक लगभग 7.8 लाख 5-किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 5-किलो सिलेंडरों के लिए लगभग 1,300 जागरूकता शिविर भी आयोजित किए, जिनमें 10,000 से अधिक सिलेंडर बिके.

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