नई दिल्ली: देश के 18 राज्यों के करीब चार लाख लोगों को ‘समर्थ’ योजना के तहत कुशल बनाया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र से जुड़े कामकाजों में लोगों को दक्ष बनाना और क्षमता निर्माण करना है. योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए.

 

बुधवार को वस्त्र मंत्रालय और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के बीच इसे लेकर समझौतों का आदान – प्रदान किया गया. इस दौरान, केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी मौजूद रहीं. ईरानी ने कहा कि राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने यहां उपस्थित होकर तत्परता दिखायी है. भारत सरकार समेत सभी 18 राज्य ने एक छत के नीचे चार लाख लोगों को कुशल बनाने का संकल्प लिया है. मुझे लगता है कि देश के इतिहास में यह इस तरह का अब तक का पहला बड़ा कदम है.

लोगों को बनाएंगे कुशल
वस्त्र से जुड़े जिन क्षेत्रों में लोगों को कुशल बनाया जाएगा उनमें तैयार परिधान, बुने हुए कपड़े, धातु हस्तकला, हथकरघा, हस्तकला और कालीन शामिल हैं. केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि नए भारत में हम यह सुनिश्चित करें कि अजीविका की इच्छा रखने वाला हर नागरिक कुशल और दक्ष हो.

ये राज्य हैं शामिल
जिन 18 राज्यों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें अरुणाचल प्रदेश , जम्मू – कश्मीर , केरल , मिजोरम , तमिलनाडु , तेलंगाना , उत्तर प्रदेश , आंध्र प्रदेश , असम , मध्य प्रदेश , त्रिपुरा , कर्नाटक , ओडिशा , मणिपुर , हरियाणा , मेघालय , झारखंड और उत्तराखंड शामिल हैं.