नई दिल्लीः राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख गैयूरुल हसन रिजवी ने अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि इस विवाद के जल्द समाधान से देश में लगातार बढ़ रहे सांप्रदायिक तनाव पर काबू पाया जा सकता है. उन्होंने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के मौजूदा वतावरण को बेहद चिंतनीय बताते हुए कहा कि 14 नवंबर को आयोग की बैठक होगी, जिसमें अयोध्या मामले की जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की संभावना पर चर्चा की जाएगी. Also Read - Ayodhya Ram Temple: राम मंदिर निर्माण के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये का दिया दान

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अगले सप्ताह आयोग की होने वाली बैठक में सांप्रदायिक तनाव जैसी बन रही स्थिति में आयोग की भूमिका और उसके रुख के बारे में चर्चा की जाएगी. इस बैठक में आयोग की राय से सरकार और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अवगत कराने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिजवी ने कहा कि सरकार को सभी पक्षों से बातचीत कर या फिर अध्यादेश के जरिए जरूरी कदम उठाने चाहिए. जो भी रास्त हो लेकिन तनाव को दूर करने के लिए एक प्रस्ताव की जरूरत है. Also Read - राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते से निकाले गए 6 लाख रुपये, चार आरोपी गिरफ्तार

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उन्होंने आगे कहा कि उनका मानना है कि विवादित स्थल पर एक मंदिर बनना चाहिए. विवाद खत्म कराने और तनाव व भय से मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को मुक्त कराने का यही एक मात्र उपाय हो सकता है. रिजवी ने ऐसे समय में राम मंदिर निर्माण की बात कही है जब संघ और उसके सहयोगी संगठन वीएचपी अयोध्या में जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण की बात कह रहे हैं.

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