Mission Shakti, DRDO Chief G Sathish Reddy, A-Sat Missile: A-Sat एंटी सेटेलाइट मिसाइल के बुधवार के सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्ज एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) के चेयरमैन जी सतीश रेड्डी की इसपर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है कि ‘मिशन शक्ति’ के नाम से चर्चि इस अनूठे कैपेबिलिटी वाली मिसाइल को दो साल पहले ही ग्रीन सिग्नल मिला था. उन्होंने इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का भी नाम लिया और कहा कि उन्होंने ही कहा कि इस टेस्ट के लिए आगे बढ़ना चाहिए.Also Read - DRDO Recruitment 2022: ग्रेजुएट्स के लिए सरकारी नौकरी का मौका, चेक करें योग्‍यता और आवेदन प्रक्र‍िया

सतीश रेड्डी ने आगे कहा, इसके विकास का काम कुछ साल पहले ही शुरू हुआ था. लेकिन इसे लेकर हम पिछले 6 महीने से मिशन मोड में थे. इसके बाद से 100 वैज्ञानिकों की एक टीम बिना समय देखे घंटों काम करती रही और बुधवार को परीक्षण सफलतापूर्वक करने में कामयाबी हासिल की. Also Read - भारत ने सुपरसोनिक BrahMos Missile के आधुनिक संस्करण का सफल परीक्षण किया

11.16 पर लॉन्च किया
बता दें कि A-SAT मिसाइल बुधवार को ओडिशा के बालासोर से 11.16 पर लॉन्च किया गया. तीन मिनट के अंदर ही उसने अपने टार्गेट को नष्ट कर दिया. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह टार्गेट पृथ्वी के तल से 300 किमी की दूरी पर था. इस सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंक की और देश को इस अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी. Also Read - 15 डि.से. से -50 डि.से. तक में जवानों की यूनिफार्म को देगी गर्मी, DRDO ने सौंपी ये तकनीक

300 किमी पर ये कहा
300 किमी के टार्गेट पर रेड्डी ने कहा, एक जिम्मेदार देश के नाते हमें ये सुनिश्चित करना था कि स्पेस के सभी ऑब्जेक्ट सुरक्षित रहें. हमारे इस परीक्षण से उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो. इसके साथ ही सभी मलबे तेजी से सड़ जाएं. इसे देखते हुए हमने 300 किमी के टार्गेट का चयन किया था.