मिजोरम में विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को वोटिंग हो रही है. राज्य की 40 सीटों के लिए 7.68 लाख वोटर हैं. इसमें 3.93 लाख महिला और 3.74 लाख पुरुष वोटर हैं. साल 2013 के चुनाव में कांग्रेस 45 फीसदी वोट पाकर 34 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी. एमएनफ को 28 फीसदी वोट और 5 सीटें मिली थी.

राज्य में तकरीबन 87 फीसदी ईसाई वोट बैंक है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी हिंदुत्व कार्ड पूरे देश में खेल रही है और वह एमएनएफ के साथ गठबंधन करके राज्य की सांस्कृतिक स्थिति बिगाड़ना चाहती है. कांग्रेस एक तरह से बीजेपी को हराने के नाम पर चुनाव लड़ रही है. दूसरी तरफ एमएनएफ इस बात से सीधे-सीधे इनकार कर रही है.

मिजोरम चुनाव: बीजेपी का आज तक नहीं खुला है खाता, 1 समीकरण से 10 साल से जीत रही है कांग्रेस

कई नेताओं ने छोड़ी पार्टी
यहां चुनाव के पहले राज्य कांग्रेस के उपाध्यक्ष और सरकार में गृहमंत्री आर ललजिरलियाना ने कैबिनेट मंत्री ललरिनलियाना सहित 5 बड़े नेताओं के साथ पार्टी छोड़ दी. कांग्रेस का आरोप है कि MNF और बीजेपी मिले हुए हैं और कांग्रेस को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में मिजोरम चुनाव भी असम चुनाव की तरह न हो जाए इसकी चर्चा शुरू हो गई है.

बीजेपी सत्ता में नहीं
साल 1987 में एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद से मिजोरम में कांग्रेस और मिजोरम नेशनल पार्टी (एमएनएफ) सत्ता में है. दिलचस्प यह है कि तब से लेकर आज तक कोई भी पार्टी राज्य में दो बार से अधिक सरकार नहीं बना सकी है. मिजोरम में 40 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है. पूर्वोत्तर का यह एकमात्र राज्य है जहां भाजपा की सरकार नहीं है.

Mizoram Assembly Election: 30 साल की जंग, 600 से ज्यादा हथियारबंद लड़ाकों का सरेंडर, तब बना था मिजोरम

40-40 सीटों पर उतारे प्रत्याशी
कांग्रेस और मुख्य विपक्षी एमएनएफ ने 40-40 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किये हैं जबकि भाजपा 39 सीटों पर मैदान में है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनाव प्रचार के लिए राज्य पहुंचे.