नई दिल्ली: मंगलवार को आए 5 राज्यों के नतीजे के साथ ही मिजोरम में हार के बाद कांग्रेस पूर्वोतर के राज्यों से पूरी तरह खत्म हो गई है. मिजो नेशनल फ्रंट ने 26 सीटों के साथ ही शानदार जीत हासिल की है. एमएनएफ को 37.6 प्रतिशत वोट मिला है. वहीं पिछले 10 सालों से सत्ता में रही कांग्रेस को सिर्फ 5 सीटें मिली हैं. हालांकि वोट प्रतिशत के मामले में वह दूसरे नंबर पर है और उसे 30.2 प्रतिशत वोट मिले हैं. भारतीय जनता पार्टी यहां खाता खोलने में सफल रही है. बीजेपी को यहां 8 प्रतिशत वोट मिले हैं. हालांकि बीजेपी ने 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे लेकिन उसे वैसी सफलता नहीं मिली जैसा कि उसने उम्मीद की थी.

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कांग्रेस की मिजोरम में इस हार के साथ ही पूर्वत्तर के राज्यों से सफाया हो गया है. हालांकि 1987 में मिजोरम के बनने के बाद 10-10 सालों में सत्ता कांग्रेस और एमएनएफ के बीच ट्रांसफर होती रही है. इस बार भी कांग्रेस 10 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई है. इतना ही नहीं कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे ललथनहवला दोनों सीटों से हार गए.

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पूर्वोत्तर के राज्यो में साल 2016 से कांग्रेस के हाथों से सत्ता खिसकने लगी थी. 2018 बीतते बीतते कांग्रेस पूर्वोत्तर से पुरी तरह साफ हो गई. एक समय ऐसा भी था जब पूर्वोत्तर में कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद इन राज्यों में भी बदलाव की हवा बह रही है. पूर्वोत्तर राज्यों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है. वहीं अन्य राज्यों में स्थानीय दलों के नेतृत्व में सरकारें हैं.

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दूसरी ओर मिजोरम विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की जीत के साथ राज्य की बागडोर संभालने जा रहे जोरामथंगा ने मंगलवार को कहा कि वह अपनी पार्टी के चुनावी वादे के तहत राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करेंगे. 20 फरवरी 1997 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ईसाई बहुल और अत्यधिक साक्षर इस राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी. हालांकि मिजोरम शराब निषेध और नियंत्रण कानून 2014 के लागू होने के बाद 2015 में प्रतिबंध हटा लिया गया था. इसके बाद 16 मार्च 2015 को राज्य में शराब की दुकानें खुल गई.

राज्य में 40 सदस्यीय विधानसभा में से 26 सीटों पर अपनी पार्टी की जीत के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में जोरामथंगा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पार्टी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत बेहतर सड़क और सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रम (एसईडीपी) लागू करेगी.