नई दिल्ली. पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को एमजे अकबर मानहानि केस में संज्ञान लिया है. अकबर ने पत्रकार प्रिया रहमाने के खिलाफ ये केस दर्ज कराया है. बता दें कि प्रिया रमानी ने #MeToo अभियान के दौरान एमजे अकबर पर 20 साल पहले के एक मामले में सेक्सुअल मिसकंडक्ट का आरोप लगाया है. कोर्ट ने इसकी अगली सुनवाई की तारीख 31 अक्टूबर रखी है. Also Read - Me Too: एमजे अकबर ने आरोपों से किया इनकार, कहा- प्र‍िया रमानी के आरोप उनकी कपोल कल्पना

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेट समय विशाल ने वरिष्ठ वकील गीता लथूरा की याचिका को संज्ञान में लिया है. गीता अकबर की वकील हैं और उनका दावा है कि प्रिया रमानी के एक के बाद एक कई ट्वीट से पूर्व विदेश राज्यमंत्री अकबर की छवि धूमिल हुई है. Also Read - एमजे अकबर ने किताब में किया दावा- महात्मा गांधी 15 अगस्त 1947 पाकिस्तान में बिताना चाहते थे

अपमानजनक ट्वीट का आरोप
लथूरा ने कोर्ट में कहा, प्रिया रमानी ने अकबर के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट किए हैं. चूंकि रमानी ने किसी भी आरोप को सिद्ध नहीं किया है, ऐसे में ये ट्वीट मानहानि की श्रेणी में आते हैं. उनका दूसरा ट्वीट तो पूरी तरकी से मानहानि की श्रेणी में आता है, जिसे 1200 लोगों ने लाइक किया है. Also Read - सोना मोहपात्रा की मोनोकनी वाली तस्वीरों पर लोगों ने कहा- भड़काऊ कपड़े पहनों और फिर #MeToo के लिए चिल्लाओ

अकबर ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि बुधवार को एमजे अकबर ने विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद एक बयान में उन्होंने कहा, चूंकि इस मामले में मेरे ऊपर लग रहे आरोपों को लेकर मैं अपनी व्यक्तिगत छमता से कोर्ट पहुंचा हूं, ऐसे में मुझे ये उचित लगता है कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं. इसके साथ ही अपने ऊपर लग रहे झूठे आरोपों को चुनौती दूं.

आरोप को खारिज कर दिया था
इससे पहले अकबर ने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को सीरे से खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था कि कुछ आरोप झूठे हैं और दूसरे किसी भी तरह से उनसे संबंध नहीं रखते हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि ये राजनीति से प्रेरित लगते हैं क्योंकि जब लोकसभा चुनाव नजदीक आ गया है तो विपक्ष के लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं.