नई दिल्ली. विदेश से लौटने के बाद विदेश राज्यमंत्री और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर ने रविवार को अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने कहा है कि उनके ऊपर लगे आरोप गलत हैं और वह लीगल एक्शन लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने आरोपों की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाते हुए इसे राजनीति साजिश के तौर पर बताया है. उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले क्यों इस तरह की बात उठी? Also Read - पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी को पुलिस ने किया अरेस्ट? ये वीडियो देखिए सच खुद ब खुद पता चल जाएगा

अकबर ने कहा कि उनके ऊपर लगे आरोप झूठे और मनगढंत हैं. उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे. कुछ तबको में बिना किसी सबूत के आरोप लगाने की बीमारी हो गई है. अब मैं लौट आया हूं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाए, इसके लिए मेरे वकील इन निराधार आरोपों को देखेंगे. Also Read - अनुराग कश्यप पर रेप का आरोप लगाने वाली पायल घोष को है खुद के मर्डर का डर, बोलीं- किसी दिन छत से लटकी....

इस्तीफे की मांग
गौरतलब है कि कांग्रेस सहित विपक्ष केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने मामले में अब तक खामोशी अख्तियार कर रखी है वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और लगता नहीं कि मंत्री के तौर पर वह लंबे समय तक पद पर रह पाएंगे. उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेना है. Also Read - अनुराग कश्यप के वकील ने कहा- पायल घोष के यौन शोषण के झूठे आरोप से बहुत दुखी हैं फिल्ममेकर

कई महिलाओं ने लगाए हैं आरोप
पार्टी के भीतर इस तरह की भी राय है कि चूंकि उनके खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं है और जो आरोप उनके खिलाफ लगे हैं, वो मंत्री बनने से बहुत पहले का है. सोशल मीडिया पर मी टू अभियान के जोर पकड़ने के बीच पिछले कुछ दिनों में कई महिलाओं ने उनपर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. बीजेपी ने मामले में चुप्पी साध रखी है, लेकिन अकबर के खिलाफ लगे आरोपों पर कोई रुख अपनाए बिना कुछ महिला मंत्रियों ने मी टू अभियान को अपना समर्थन दिया है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि सबसे पहले अकबर को ही आरोपों पर जवाब देना है.

शाह ने ये कहा था
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि वह विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि केंद्रीय मंत्री के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की जरूरत है. अकबर कई महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं. शाह ने शुक्रवार रात ईटीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा- किसी चीज पर यूं ही टिप्पणी करना बहुत मुश्किल है, जो एक वेबसाइट पर छपा हो. कोई भी एक वेबसाइट पर कुछ भी डाल सकता है. इसलिए इसकी जांच की जरूरत है. चाहे वह सच हो या झूठ या फिर इस तरह की घटना हुई हो या नहीं.

विदेशी पत्रकार ने भी लगाए हैं आरोप
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर के खिलाफ एक विदेशी पत्रकार ने भी आरोप लगाए हैं. पत्रकार का आरोप है कि एक मीडिया संस्थान में वर्ष 2007 में इंटर्न रहते हुए अकबर ने सीमाएं लांघते हुए यौन दुर्व्यवहार किया. महिला पत्रकार का आरोप है, ‘उन्होंने मेरी शारीरिक वर्जनाओं को लांघते हुए मेरा और मेरे माता-पिता का भरोसा तोड़ा. पीड़ित का कहना है कि उनके माता-पिता 90 के दशक में दिल्ली में बतौर विदेशी संवाददाता कार्यरत थे और वह उन्हीं के जरिए अकबर से मिली थीं.