दिनाकरन के करीबी विधायकों ने छेड़ी मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत, DMK ने की विश्वास मत की मांग

डीएमके के पास 89 विधानसभा सीट हैं और उसकी सहयोगी कांग्रेस के पास आठ और आईयूएमएल के पास एक सीट है

Published date india.com Published: August 22, 2017 9:00 PM IST
MLAs loyal to Dhinakaran revolt against CM Palaniswami, DMK demands trust vote | दिनाकरन के करीबी विधायकों ने छेड़ी मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत, DMK ने की विश्वास मत की मांग
टीटीवी दिनाकरन (फोटो साभार- ट्विटर)

चेन्नई। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के खेमे के ओ. पनीरसेल्वम के धड़े के साथ विलय से नाखुश अन्नाद्रमुक नेताओं शशिकला और टीटीवी दिनाकरन के वफादार विधायकों ने मंगलवार को राज्यपाल से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पलानीस्वामी पर भरोसा नहीं रहा है, जिसके बाद विपक्षी डीएमके ने विश्वास मत हासिल करने की मांग पेश कर दी.

दिनाकरन समर्थक और आंडीपट्टी से विधायक थांगा तमिल सेल्वन ने राज्यपाल सी. विद्यासागर राव से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम हमारा समर्थन करने वाले विधायकों की मदद से एक नये मुख्यमंत्री को लाने के प्रयास शुरू कर रहे हैं.’’ इससे एक दिन पहले ही पलानीस्वामी और बागी नेता पनीरसेल्वम के धड़ों का आपस में विलय हो गया था.

दिनाकरन खेमे ने सोमवार को 25 अन्नाद्रमुक विधायकों के समर्थन का दावा किया था. राज भवन के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि मंगलवार सुबह बैठक हुई, लेकिन उन्होंने इसका ब्योरा नहीं दिया. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों की संख्या और राव के साथ हुई बातचीत की प्रकृति पर भी कुछ नहीं कहा.

जेल में बंद अन्नाद्रमुक महासचिव वी. के. शशिकला के भतीजे दिनाकरन के करीबी विधायकों की राव से मुलाकात के बाद सेल्वन ने कहा था, ‘‘हमने राज्यपाल को बताया है कि हमें मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं है.’’ इस घटनाक्रम के बाद पलानीस्वामी ने उप मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श शुरू कर दिया.

उधर, खबरों में दावा किया गया कि दिनाकरन का समर्थन कर रहे विधायकों को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है. तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में अन्नाद्रमुक के 134 विधायक हैं. दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की आर. के. नगर विधानसभा सीट अब भी खाली पड़ी है. डीएमके के पास 89 विधानसभा सीट हैं और उसकी सहयोगी कांग्रेस के पास आठ और आईयूएमएल के पास एक सीट है.

घटनाक्रम को भुनाने का प्रयास करते हुए मुख्य विपक्षी डीएमके ने राज्यपाल को पत्र लिखकर विधानसभा सत्र बुलाने और पलानीस्वामी को सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश देने की मांग की. पलानीस्वामी सरकार के सामने शक्ति परीक्षण की संभावना के सवाल पर सेल्वन ने कहा कि हमारी मंशा तो यही है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.