अलीपुरद्वार/चंदौली. देश के अलग-अलग हिस्सों में भीड़-हिंसा यानी मॉब-लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. किसी एक राज्य में घटना के हो जाने के बाद भले ही क्षणिक शांति छा जाती हो, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसका भूत मुंह उठाने लगता है. ताजा मामले पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के हैं. बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में एक व्यक्ति को बच्चा चोर होने के संदेह में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. वहीं उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से और भी शर्मनाक घटना सामने आई है. चंदौली जिले में कथित तौर पर जयश्री राम न बोलने पर 4 लोगों ने 15 वर्षीय किशोर को जिंदा जला दिया.

मॉब लिंचिंग पर दो हिस्सों में बंटा बॉलीवुड, एक ने PM मोदी को लिखा पत्र तो दूसरे ने किया विरोध

पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में बच्चा चोर होने के संदेह में भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. फलकाटा थाना के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना रविवार शाम में तसाती चाय बगान में उस समय हुई जब स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को इलाके में संदिग्ध स्थिति में घूमते हुए देखा. अधिकारी ने बताया, ‘‘250 से अधिक लोगों ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की. जब भीड़ से उसे छुड़ाया गया तब तक वह गंभीर रूप से जख्मी हो चुका था.’’

हिंसक भीड़ ने भगवान राम के नाम को हिंसा के नारे में बदला: TMC सांसद

अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि व्यक्ति को बीरपारा अस्पताल में मृत लाया घोषित कर दिया गया. उसकी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है. जिला पुलिस अधीक्षक नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने बताया, ‘‘घटना के सिलसिले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा. मामले की जांच की जा रही है.’’

मोदी सरकार को खुला पत्र लिखने वाले बुद्धिजीवियों पर बिफरी भाजपा, केंद्रीय मंत्री ने बोला हमला

इधर, उत्तर प्रदेश के चंदौली चंदौली जिले में जयश्री राम नहीं बोलने पर चार लोगों ने एक 15 वर्षीय मुस्लिम लड़के को आग लगा दी. मामला रविवार रात का है. लड़के को वाराणसी के कबीर चौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि लड़का 60 प्रतिशत तक जल चुका था और उसकी हालत गंभीर है. अस्पताल के कैमरे में लड़के ने बयान दिया कि जय श्री राम बोलने से मना करने पर उसे आग लगा दी गई.

मॉब-लिंचिंग पर RSS प्रमुख मोहन भागवत की खरी-खरी, कहा- यह हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश

उसने कहा, “मैं दुधारी पुल पर टहल रहा था जब चार लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया. उनमें से दो लोगों ने मेरे हाथ बाध दिए और तीसरा व्यक्ति मेरे ऊपर केरोसिन तेल डालने लगा. इसके बाद उन्होंने आग लगा दी और भाग गए.” उसने बाद में कहा कि उसे ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर किया गया था. पुलिस हालांकि पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है. वाराणसी में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया से कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है.

(इनपुट – एजेंसी)