नई दिल्ली: मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में भारत अपने पड़ोसी देश श्रीलंका, पाकिस्तान और नेपाल से भी पीछे है. ब्रॉडबैंड स्पीड विश्लेषण कंपनी ऊकला की एक रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2019 में भारत मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में 128वें स्थान पर रहा. हालांकि फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में समीक्षाधीन महीने में भारत अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों से आगे 72वें स्थान पर रहा. ऊकला के स्पीडटेस्ट वैश्विक इंडेक्स के अनुसार वैश्विक स्तर पर औसत डाउनलोड रफ्तार 29.5 मेगाबिट प्रति सेकेंड रहा जबकि अपलोड स्पीड 11.34 एमबीपीएस रही. Also Read - COVID Vaccine: भारत में Sputnik को मिल सकती है 10 दिन में मंजूरी, वैक्‍सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ हुआ

वैश्विक सूची में मोबाइल नेटवर्क पर दक्षिण कोरिया 95.11 एमबीपीएस की डाउनलोड स्पीड और 17.55 एमबीपीएस की अपलोड स्पीड के साथ पहले स्थान पर था. भारत में डाउनलोड स्पीड 11.18 एमबीपीएस और अपलोड स्पीड 4.38 एमबीपीएस पाई गई. 2019 की दूसरी और तीसरी तिमाही में भारत के 11 बड़े शहरों में एयरटेल सबसे तेज मोबाइल आपरेटर रही. नागपुर में एयरटेल के मोबाइल नेटवर्क की रफ्तार सबसे तेज थी. वोडाफोन दो शहरों में और आइडिया एक शहर में सबसे तेज मोबाइल नेटवर्क वाली आपरेटर रही. Also Read - भारत ने अब श्रीलंका के साथ किया एयर बबल समझौता, अब तक 28 देशों के साथ बनी है बात

दक्षिण एशियाई देशों में 22.53 एमबीपीएस की डाउनलोड स्पीड और 10.59 एमबीपीएस की अपलोड गति के साथ के साथ श्रीलंका सबसे आगे रहा. सूची में श्रीलंका 81वें स्थान पर था. पाकिस्तान 14.38 एमबीपीएस की डाउनलोड स्पीड और 10.32 एमबीपीएस की अपलोड स्पीड के साथ 112वें स्थान पर रहा. 2019 की दूसरी और तीसरी तिमाही में भारत बेशक डाउनलोड स्पीड में पीछे रहा है लेकिन देश में 4जी नेटवर्क की उपलब्धता के मामले में भारत की स्थिति कहीं बेहतर रही. भारत में 4जी नेटवर्क की उपलब्धता 87.9 प्रतिशत रही. वहीं पाकिस्तान और बांग्लादेश में 4जी नेटवर्क की उपलब्धता क्रमश: 58.9 प्रतिशत और 58.7 प्रतिशत रही. Also Read - Corona Spike in india: देश में COVID19 के 1.45 लाख से ज्‍यादा नए मामले सामने आए, 24 घंटे में 794 मौतें

(इनपुट भाषा)