नई दिल्ली: आधार से जारी हुए फोन कनेक्शन रद्द होने की खबरों पर दूरसंचार विभाग और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बृहस्पतिवार को सफाई दी. दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने कहा कि सरकार ग्राहकों पर पुन: सत्यापन का दबाव नहीं डालेगी. पुन: सत्यापन तभी किया जायेगा जब कोई ग्राहक अपने आधार विवरण को किसी दूसरे पहचान पत्र या वैध पता प्रमाण पत्र से बदलेगा. Also Read - प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, 28 मई को सुनवाई

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उच्चतम न्यायालय ने आधार ई-केवाईसी (ग्राहक को जानो) के जरिये नये सिम कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है. हालांकि, पुराने नंबरों का कनेक्शन रद्द (निष्क्रिय) करने के कोई निर्देश जारी नहीं किये हैं. दोनों विभागों ने संयुक्त बयान में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने आधार मामले में अपने फैसले में उन मोबाइल नंबरों को बंद करने का कहीं कोई निर्देश नहीं दिया है, जो आधार ईकेवाईसी के जरिये जारी हुये हैं. इसलिये लोगों को डरने या घबराने की कोई जरूरत नहीं है. ऐसी अटकलें लगायी जा रही थी कि जिन ग्राहकों ने आधार से मोबाइल कनेक्शन लिया है उन्हें केवाईसी विवरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिये नये दस्तावेज देने पड़ सकते हैं क्योंकि न्यायालय ने अपने फैसले में निजी कंपनियों को आधार-आधारित सत्यापन करने से रोक दिया है.

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कोर्ट ने आधार आधारित सत्यापन को बंद करने के लिए कहा

बयान में कहा गया है कि फैसले के मद्देनजर यदि कोई ग्राहक अपने आधार ईकेवाईसी को नये केवाईसी से बदलवाना चाहता है तो, वह नये वैध दस्तावेज जमा करके आधार को डी-लिंक करने का सेवा प्रदाता से अनुरोध कर सकता है. यूआईडीएआई ने न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिये दूरसंचार कंपनियों को 15 अक्टूबर का समय दिया है और अपनी सेवाओं के लिये आधार आधारित सत्यापन को बंद करने के लिये कहा है.