Moderna Covid Vaccine News: कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को एक और ‘हथियार’ मिल गया है. दरअसल, भारत के औषधि महानियंत्रक यानी DCGI ने Cipla को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मॉडर्ना के कोविड-19 टीके के आयात की अनुमति दे दी है. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक के बाद मॉडर्ना का टीका भारत में उपलब्ध होने वाला कोविड-19 का चौथा टीका होगा.Also Read - चौथी लहर की आशंकाओं के बीच टीके की दूसरी और Booster Dose का गैप कम कर सकती है सरकार

एक सूत्र ने बताया, ‘DCGI ने ड्रग्स ऐंड कॉस्मेटिक्स एक्ट,1940 के तहत नई औषधि एवं क्लिनिकल परीक्षण नियम, 2019 के प्रावधानों के मुताबिक सिपला को देश में सीमित इमरजेंसी उपयोग के लिए मॉडर्ना के कोविड-19 टीके का आयात करने की अनुमति दे दी है.’ Also Read - DCGI ने भारत बायोटेक को दी मंजूरी, 6-12 साल के बच्चों को अब लग सकेगी वैक्सीन

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मॉडर्ना ने एक पत्र में 27 जून को DCGI को सूचना दी थी कि अमेरिकी सरकार यहां उपयोग के लिए कोविड-19 के अपने टीके की एक विशेष संख्या में खुराक ‘कोवैक्स’ के जरिए भारत सरकार को दान में देने के लिए सहमत हो गई है. साथ ही, उसने इसके लिए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से मंजूरी मांगी है. सिपला ने सोमवार को अमरिकी फार्मा कंपनी की ओर से इन टीकों के आयात और विपणन का अधिकार देने के लिए औषधि नियामक से अनुरोध किया था. उल्लेखनीय है कि कोवैक्स कोविड-19 के टीके के न्यायसंगत वितरण के लिए एक वैश्विक पहल है।

एक अधिकारी ने कहा कि आपात परिस्थितियों में सीमित उपयोग के लिए यह अनुमति जनहित में है. कंपनी को टीकाकरण कार्यक्रम के लिए टीके का इस्तेमाल शुरू करने से पहले प्रथम 100 लाभार्थियों में किये गये टीके का सुरक्षा आकलन सौंपना होगा. सिपला ने सोमवार को एक आवेदन देकर इस टीके के आयात की अनुमति मांगी थी. उसने 15 अप्रैल और एक जून के डीसीजीआई नोटिस का हवाला दिया था.

नोटिस में कहा गया था कि अगर टीके को आपात उपयोग अधिकार (ईयूए) के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) द्वारा अनुमति दी जाती है, तो टीके को बिना ‘ब्रिजिंग ट्रायल’ के विपणन का अधिकार दिया जा सकता है. इसके अलावा, हर खेप को केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल), कसैली से जांच कराने की जरूरत की छूट मिल सकती है.

(इनपुट: ANI, भाषा)