नई दिल्ली: अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मामले में धैर्य और परिपक्वता का परिचय देने के लिए देश की जनता को साधुवाद दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि देश ने इस फैसले को पूरी सहजता से स्वीकार किया और अब देश, नई उम्मीदों और नई आशाओं के साथ नए रास्ते पर, नये इरादे लेकर चल पड़ा है.

आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात कार्यक्रम’ में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में शांति, एकता और सद्भावना के मूल्य सर्वोपरि हैं. राम मंदिर पर जब फ़ैसला आया तो पूरे देश ने उसे दिल खोलकर गले लगाया. पूरी सहजता और शांति के साथ स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि आज,‘मन की बात’ के माध्यम से वह देशवासियों को साधुवाद और धन्यवाद देते हैं, जिस प्रकार के धैर्य, संयम और परिपक्वता का परिचय दिया है, वह उसके लिए विशेष आभार प्रकट करना चाहते हैं.

मोदी ने कहा कि एक ओर, जहाँ, लम्बे समय के बाद कानूनी लड़ाई समाप्त हुई है, वहीं, दूसरी ओर, न्यायपालिका के प्रति, देश का सम्मान और बढ़ा है. सही मायने में ये फैसला हमारी न्यायपालिका के लिए भी मील का पत्थर साबित हुआ है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद देश, न्यू इंडिया की भावना को अपनाकर शांति, एकता और सद्भावना के साथ आगे बढ़े – यही मेरी कामना है, हम सबकी कामना है. उन्होंने कहा कि जब 9 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो 130 करोड़ भारतीयों ने फिर से ये साबित कर दिया कि उनके लिए देशहित से बढ़कर कुछ नहीं है.