नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने केंद्र सरकार और बीजेपी की नींद उड़ा दी है. सरकार और पार्टी दोनों ही इस पर सफाई देने की मुद्रा में हैं. उधर, विपक्ष ने इसे हथियार बनाते हुए विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू कर दिया है. कर्नाटक चुनाव नतीजे के बाद से ही तेल कंपनियां लगातार तेल के दाम बढ़ा रही हैं. मंगलवार को लगातार नौंवीं बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए. पहले ही तेल के दाम आसमान पर पहुंच गए थे, लेकिन तेल कंपनियों की ओर से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी ही रहा. Also Read - बीजेपी विधायक ने मजदूरों की वापसी के लिए सोनू सूद से मांगी मदद, मिला ऐसा जवाब

अमित शाह ने दिया भरोसा Also Read - डोनाल्ड ट्रंप ने की पीएम नरेंद्र मोदी से बात, कहा- अगले हफ्ते तक भारत भेजेंगे 100 वेंटिलेटर्स

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज इसे लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि सरकार तेल के बढ़ते दामों से चिंतित है और इसे गंभीरता से ले रही है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कल तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं. हम एक फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं ताकि तेल के दामों में कमी आ सके. अमित शाह ने आज कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और अगले 2-4 दिनों में कोई फार्मूला या समाधान निकाल लिया जाएगा. शाह ने बीजेपी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि जहां तक तेल के दाम का विषय है, सरकार इसको लेकर काफी गंभीर है. कल पेट्रोलियम मंत्री की सभी तेल कंपनियों के साथ बैठक हो रही है. उन्होंने कहा कि एक फार्मूले के तहत तेल के दाम बढ़े हैं और इस विषय पर क्या विचार करना है, इस पर सरकार के उच्चतम स्तर पर विचार हो रहा है. अगले 2, 3, 4 दिनों में कोई न कोई फार्मूला या समाधान ढूंढ़ने के लिए सरकार में बैठे कार्यकर्ता निश्चित तौर पर प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने यह बात बताई है. Also Read - Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र CM उद्धव ठाकरे की अपील, अगले दो दिनों तक घर के अंदर ही रहें लोग

इसे लेकर सरकार भी पहले सफाई दे चुकी है. धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती मांग के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. इस पर तेल कंपनियों से बात की जाएगी. बता दें कि कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है. हालांकि साल 2013-14 में यह 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. दूसरी तरफ इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा होने और भारतीय रुपये में कमजोरी से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं.

IOCL का भी इनकार

आज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लि. और पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी साफ कर दिया कि उनकी तरफ से दाम कम नहीं किए जा सकते. आईओसीएल के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि सरकार ने हमें तेल की कीमतें तय करने का अधिकार दिया था इसलिए हम ऐसा कर रहे हैं. दाम पहले भी बढ़े हैं हमने 19 दिन तक दाम को नहीं बढ़ाने का फैसला किया था. सभी पेट्रोलियम पदार्थ जीएसटी के दायरे में आने चाहिए. वहीं, पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि इसमें कमी तभी आ सकती है जब एक्साइज ड्यूटी में कमी की जाए.

अभी और बढ़ेंगे दाम

पिछले कुछ महीने से पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल जून में पेट्रोल की कीमत 66.91 रुपये और डीजल की कीमत 55.94 रुपये थी. तब से अब तक पेट्रोल की कीमत में 6.82 रुपये और डीजल के दाम में 8.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतें अभी और बढ़ेंगी. कर्नाटक चुनाव के चलते 19 दिनों तक तेल कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था जिससे कंपनियों को काफी नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई के लिए कंपनियों को दाम बढ़ाने होंगे.