नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार देश के 80 करोड़ लोगों को हर महीने सात किलो राशन देगी. 27 रुपये वाला गेहूं दो रुपये किलो और 37 रुपये का चावल तीन रुपये किलो की दर से मिलेगा. उन्होंने कहा कि लोगों को सस्ता राशन देने के लिए सरकार कुल एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी. सभी राज्यों को तीन महीने का एडवांस राशन दिया जा रहा है. Also Read - Covid-19 की वजह से स्थिति बिगड़ने पर रद्द हो सकता है ओलंपिक: अधिकारी

जावड़ेकर ने कहा कि लॉकडाउन के बावजूद लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. दूध, राशन, सब्जी, पशुचारा आदि आवश्यक सेवाओं की दुकानें लगातार खुली रहेंगी. उन्होंने लोगों से सामानों की खरीदारी की होड़ में शामिल न होने की अपील की. प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि गरीबों और आम जन को सस्ता राशन देने के लिए कैबिनेट की बैठक में फैसला हुआ है. Also Read - साउथ अफ्रीका ने भी Johnson & Johnson कोविड Vaccine के इस्तेमाल पर लगाई रोक

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रहीं हैं. लोग जानना चाह रहे हैं कि लॉकडाउन के समय गरीबों के लिए सरकार क्या कर रही है? सरकार ने सस्ता राशन देने का फैसला किया है. Also Read - कोरोना से हो रही मौतों पर MP के मंत्री का विवादित बयान, बोले- लोग बुजुर्ग होते हैं तो मरते हैं

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ऐसे समय में अफवाहें भी खूब फैलतीं हैं. इस नाते लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. सरकारी निर्देशों और सूचनाओं पर ही भरोसा करें. जावड़ेकर ने बताया कि निजी और सरकारी क्षेत्र के स्थाई और अस्थाई कर्मियों को वेतन मिलता रहेगा. इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रहीं हैं.