नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ने कहा कि संसद और देश भर की विधानसभाओं में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी होनी चाहिए. केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री सांसद साध्वी निरंजन ज्योति चाहती हैं कि देश की आधी आबादी को संसद और विधानसभाओं में आधी भागीदारी मिले. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, “मेरी इच्छा है कि पार्लियामेंट में 50-50 की भागीदारी हो, जिससे और महिलाएं चुनकर आएं.” Also Read - कोरोना के संकट से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें... पीएम मोदी ने बताया

भारतीय जनता पार्टी की सांसद ज्योति ने कहा कि उनकी पार्टी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी हैं. एक सवाल पर उन्होंने कहा, “देखिए, हमारी पार्टी में कितनी महिलाएं जीतकर आई हैं. इससे पहले इतनी महिलाएं कहां आती थीं. हमारी पार्टी तो संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही है.” Also Read - PM Narendra Modi's Address To Nation Live: पीएम मोदी का बड़ा बयान- देश को लॉकडाउन से बचाना है

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने विधानसभाओं और स्थानीय निकायों में भी महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी बढ़ाने की अपील की. पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से जुड़े एक सवाल पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ने कहा, “महिलाओं को आत्मनिर्भर होना पड़ेगा. उनको यह जानकारी होनी चाहिए कि पंचायत में वे क्या कर सकती हैं. क्या नियम है? कैसे (योजनाओं का) पैसा आता है. क्या करना पड़ता है?” उन्होंने कहा कि देश में पहले से महिला सशक्त रही हैं, लेकिन बीच में शिक्षा की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के साथ कठिनाई आई, लेकिन अब उनमें जागरूकता आने लगी है. उन्होंने कहा कि देश में मोबाइल क्रांति से महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है. Also Read - पीएम मोदी ने कोरोना संक्रमित हुए राहुल गांधी के लिए क्या कहा, जानिए

इससे पहले मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ने कोरोना काल में स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए गए कार्यो की सराहना की. उन्होंने कहा कि समूहों से जुड़कर महिलाएं सक्षम बनी हैं.